भगवान शिव को देवों के देव कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव भक्तों के थोड़ी सी भक्ति से भी खुश हो जाते हैं। वैसे तो हर महीने शिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है। मगर फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आने वाली शिवरात्रि महाशिवरात्रि (mahashivratri) कहलाती है। इस साल ये पावन त्योहार एक मार्च (मंगलवार) को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। इस दिन को शिव भक्त बड़े ही धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती की विशेष रूप से पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन ज्योतिष व वास्तु शास्त्र से जुड़े कुछ उपाय करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

अगर घर में वास्तुदोष हो तो जीवन में परेशानियां झेलनी पड़ती है। ऐसे में महाशिवरात्रि (mahashivratri totke) के दिन लोटे में जल भरकर शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। फिर उस लोटे में थोड़ा जल अपने घर लाकर 'ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय ' मंत्र का जाप करते हुए पूरे घर में छिड़क दें। ऐसा करने से घर में मौजदू नकारात्मकता व वास्तुदोष दूर होने में मदद मिलेगी। साथ ही सुख-शांति व खुशहाली का आगमन होगा।

इसके साथ ही महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर लाल रंग के वस्त्र पहन कर मंदिर जाएं। शिव जी और माता पार्वती की एकसाथ पूजा करें। माता गौरा को सुहाग का सामान अर्पित करें। इससे वैवाहिक जीवन सुखमय होने के साथ कुंवारे लोगों के विवाह में आ रही बाधाएं दूर हो जाएगी।

वहीं आपके नौकरी या व्यवसाय में बांधा या घर के सदस्य बार-बार बीमार रहते हैं तो घर के उत्तर-पूर्व (ईशान) या ब्रह्म स्थान में रुद्राभिषेक करें। साथ ही घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम दिशा में बिल्व का पौधा लगाएं। साथ ही उसे रोजाना सुबह जल चढ़ाएं। शाम के समय घी का दीया जलाकर भगवान शिव का ध्यान करें। ऐसा करने से नौकरी व व्यवसाय संबंधी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

घर की उत्तर दिशा में भगवान शिव के पूरे परिवार की तस्वीर लगाएं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। साथ ही परिवार में एकता व खुशहाली आएगी। वैवाहिक जीवन भी सुखमय बीतेगा।