हिंदू धर्म में रविवार का दिन सूर्यदेव को समर्पित होता है। इस दिन सूर्य भगवान की पूजा की जाती है। सूर्य को वेदों में जगत की आत्मा कहा गया है। सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है, यह आज एक सर्वमान्य सत्य है। वैदिक काल में आर्य सूर्य को ही सारे जगत का कर्ता धर्ता मानते थे। सूर्यदेव की उपासना करके रोगों से मुक्ति पाई जा सकती है। 

– रविवार के दिन भगवान सूर्य को तांबे के लोटे में जल, चावल, फूल डालकर अर्घ्य देना चाहिए।

– रविवार के दिन लाल-पीले रंग के कपड़े, गुड़ और लाल चंदन का इस्तेमाल करना चाहिए।

– रविवार के दिन सूर्यदेव के लिए व्रत रखना चाहिए और फलाहार का सेवन करना चाहिए।

– रविवार के दिन सूर्य अस्त से पहले नमक का उपयोग नहीं करना चाहिए।

– रविवार के दिन घर के सभी सदस्यों के माथे पर चंदन का तिलक लगाना चाहिए।

– रविवार के दिन पैसों से संबंधित कोई कार्य नहीं करना चाहिए।

– उत्तर-पूर्व दिशा को ईशान कोण नाम से जाना जाता है। इस दिशा का आधिपत्य सूर्यदेव के पास है। इस दिशा में बुद्धि और विवेक से जुड़े कार्य करने चाहिए।