उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र न होंने देने के निर्देश देते हुए कहा कि कोविड-19 के संक्रमण की चेन को तोडऩे के लिए पूरी सावधानी बरती जाय। योगी ने शनिवार को अपने सरकारी आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अनलॉक का मतलब स्वतन्त्रता नहीं है। यह सुनिश्चित किया जाए कि सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र न हों। पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग करते हुए भीड़ को एकत्र होने से रोका जाए।


उन्होंने कहा कि कन्टेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से छूट प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत आठ जून से विभिन्न गतिविधियों को छूट प्रदान की जानी है। उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को अनुमन्य की जाने वाली इन गतिविधियों के प्रोटोकॉल के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी करने के निर्देश दिये है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि निगरानी समितियों को निरन्तर सक्रिय रखा जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना संदिग्ध व्यक्ति को क्वारंटीन सेन्टर में रखें। कोरोना पॉजिटिव मरीज का उपचार कोविड अस्पताल में ही हो। उन्होंने डॉक्टरों सहित सभी चिकित्साकर्मियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार जारी रखने निर्देश भी दिए। श्री योगी ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त रखा जाए। अस्पतालों में साफ-सफाई के बेहतर प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। मरीजों को समय पर दवा, शुद्ध एवं सुपाच्य भोजन के साथ-साथ पीने के लिए गुनगुना पानी उपलब्ध कराया जाए।


यह सुनिश्चित किया जाए कि डॉक्टर, नर्सिंग एवं पैरामेडिकल स्टाफ नियमित राउण्ड लें। उन्होंने आगरा, मेरठ, अलीगढ़, कानपुर तथा फिरोजाबाद के मेडिकल कॉलेजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री जी ने गौ-आश्रय स्थलों पर गौवंश के लिए सभी आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौ-आश्रय स्थलों में गायों को पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध कराया जाए। गर्मी तथा बरसात से बचाव के लिए समुचित प्रबन्ध किए जाएं। उन्होंने ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में सेनिटाइजेशन के कार्य को लगातार किए जाने के निर्देश भी दिए।