कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने कहा कि इस साल के दिवाली (Diwali) कारोबार ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए क्योंकि बिक्री 1.25 लाख करोड़ रुपये को पार कर गई। रिकॉर्ड बिक्री ने व्यापार में आर्थिक मंदी को समाप्त कर दिया जो पिछले दो वर्षों से बाजारों में जारी है।

व्यापारियों के संगठन ने एक बयान में कहा, "दिवाली (Diwali) की बिक्री ने निकट भविष्य में व्यापारिक समुदाय के बीच बेहतर व्यावसायिक संभावनाओं की चिंगारी पैदा की है।" कैट ने आगे कहा कि दिवाली (Diwali) के जबरदस्त कारोबार से प्रोत्साहित होकर, देश भर के व्यापारी अब देव उत्थान एकादशी के दिन 14 नवंबर से शुरू होने वाले शादियों के सीजन की बिक्री के लिए कमर कस रहे हैं।

CAIT के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल (Praveen Khandelwal) ने कहा ''इस साल के दिवाली पर्व पर पूरे देश में करीब सवा लाख करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार है, जो पिछले एक दशक में अब तक का रिकॉर्ड आंकड़ा है. अकेले दिल्ली में, यह कारोबार लगभग 25,000 करोड़ रुपये का था ”।

CAIT के अनुसार, इस वर्ष दिवाली त्योहार की पारंपरिक वस्तुओं की अत्यधिक मांग देखी गई - मिट्टी के दीये, मिट्टी के दीयों की रंगीन सजावट, विभिन्न प्रकार के वंदनवार, पेंडेंट, मिट्टी के डंडे, खंड से बने खिलौने, मिट्टी के सैंडल, मोमबत्तियाँ और पेपर माचे लैंप, जिसने छोटे कुम्हारों, शिल्पकारों, हस्तशिल्पियों को पर्याप्त व्यवसाय दिया।