अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में प्रशासन ने स्कूल भवन और जगह की कमी से निपटने के लिए एक अनूठा तरीका खोज निकाला है। प्रशासन ने यहां पुरानी और बेकार पड़ी एक बस को ही क्लासरूम के रूप में तब्दील कर दिया है। इतना ही नहीं इस बस में ही टेबल, कुर्सियां और ब्लैकबोर्ड लगाए गए हैं।


जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि ऐसा करने के पीछे स्कूलों में जगह की कमी एक मुख्य वजह है। उन्होंने ये भी बताया कि अक्सर जूनियर और सीनियर छात्रों को एक ही कक्षा में बैठना पड़ता था और शिक्षकों को कक्षा लेने में, पढ़ाने में दिक्कतें आती थीं। बच्चों के स्कूल छोड़ने की भी यह एक वजह बनती जा रही थी, जिससे लड़ने के लिए ये अनूठा तरीका निकाला गया।


जिले के थोवांग गांव में छात्रों को 'बस में स्कूल' वाला आइडिया खूब पसंद आया। ऐसा करने से छात्रों में उत्साह देखा गया। छात्र अब पहले की अपेक्षा और ज्यादा उत्साहित होकर स्कूल आने लगे हैं और उनकी उपस्थिति भी बढ़ी है।


वहीं लोहित के डिप्टी कमिश्नर प्रिंस धवन ने कहा कि स्कूल में जगह की कमी की जो समस्या थी, इस पहल से स्थाई तौर पर समाधान नहीं निकला है, लेकिन छात्रों के लिए यह उत्साहजनक और मजेदार है। नई चीजें सीखने का यह एक अच्छा तरीका भी है।