मणिपुर सरकार में अंतर्कलह की शिकायत मिलने के बाद बीजेपी महासचिव राम माधव ने अपनी पार्टी के आला अधिकारियों के साथ इम्फाल  में बैठक की और गठबंधन सरकार की स्थिति जानी। राम माधव और बीजेपी के संगठन महासचिव (उत्तर पूर्व प्रभारी) अजय जमवाल ने मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, कार्य मंत्री टीएच विश्वजीत और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद के. भावनंद के साथ बंद दरवाजे के पीछे बैठक की।

मणिपुर में बीजेपी की गठबंधन सरकार है जिसे नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) का भी समर्थन प्राप्त है।कुछ दिनों से ऐसी अफवाह है कि एन बीरेन सिंह की सरकार अंतर्कलह से जूझ रही है। यह अफवाह 4 जून को और भी पुख्ता हो गई जब उखरूल जिला मुख्यालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में 6 मंत्री गैर हाजिर रहे। इस बैठक में कार्य मंत्री विश्वजीत, सामाजिक कल्याण मंत्री नेमचा किप्गेन, उप मुख्यमंत्री वाई जयकुमार, स्वास्थ्य मंत्री एल. जयंतकुमार, वाईएएल मंत्री लेतपाव हाओकिप और पीएचईडी मंत्री एल दिखो नादारद रहे।

बीजेपी की इस अंदरूनी कलह को गंभीरता से लेते हुए राम माधव और अजय जमवाल इम्फाल में पार्टी नेताओं के साथ अलग अलग मिले और उनसे सुलह सलाकत की बात की। इन नेताओं की बैठक इम्फाल के होटल क्लासिक ग्रांड में हुई। सूत्रों के मुताबिक एन बीरेन सिंह, विश्वजीत और भावनंद की ओर से उठाई गई शिकायतों पर राम माधव ने गौर किया और इसे जल्द निपटाने का भरोसा दिलाया। राम माधव और जमवाल ने पार्टी विधायकों से अलग अलग मुलाकात की।

सूत्रों के मुताबिक इन दोनों नेताओं का इम्फाल जाने का मकसद पार्टी की अंदरूनी कलह के बारे में जानकारी लेना है। बैठक में यह भी जानने की कोशिक की गई कि आखिर किन मुद्दों पर पार्टी के विधायक और मंत्री एन. बीरेन सिंह से खफा हैं। दोनों नेता इस बारे में एक विस्तृत रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को सौंपेंगे। एन. बीरेन सिंह ने बैठक में बताया कि कुछ स्वार्थी तत्व मणिपुर को तोड़ना चाहते थे लेकिन बीजेपी ने उन्हें कामयाब नहीं होने दिया। बीरेन सिंह के मुताबिक प्रदेश में पार्टी के नेता बहुत ज्यादा अनुभवी नहीं हैं लेकिन उनकी कोशिशों के चलते मणिपुर में शांति का माहौल कायम हुआ है। बीरेन सिंह ने राम माधव से केंद्रीय कैबिनेट में सांसद डॉ. आरके रंजन को शामिल कराने का आग्रह किया।

दूसरी ओर कार्य मंत्री विश्वजीत ने कहा कि नेताओं के अंदर गलतफहमी हो सकती है, लेकिन अंतर्कलह जैसी कोई बात नहीं है। विश्वजीत ने कहा हर सरकार की कुछ परेशानियां होती हैं, लेकिन इसे आपसी सहयोग से निपटा लिया जाता है। उन्होंने सांसद आरके रंजन से अपील की सांसद निधि प्रदेश के आम लोगों की भलाई में खर्च होनी चाहिए।