मेघालय के रानीकोर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीति हलचल तेज हो गर्इ हैं। आलम ये हैं कि पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट के अध्यक्ष पीएन सिएम को यहां का काॅमन उम्मीदवार के रुप में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी से समर्थन पर संसय बरकरार हैं। हालांकि यूडीपी ने उम्मीदवार के रुप में पीडीएफ का समर्थन करने के लिये अपना अंतिम भरोसा नहीं दिया हैं।

काॅमन उम्मीदवार को लेकर मंगलवार को हुर्इ बैठक के दौरान यूडीपी ने कहा कि रानीकाेर एक बड़ा क्षेत्र है। इस सीट से चुनाव लड़ने के लिए सिएम को बहुत देर हो गर्इ है। अब एेसे कयास लगाए जा रहे हैं की रानीकोर सीट से पीडीएफ प्रमुख को काॅमन उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। इस पर यूडीपी के वरिष्ठ नेता बिंदो मैथ्यू लानोंग ने कहा कि बैठक के दौरान ज्यादातर लोगों ने महसूस किया है कि सिएम के लिए चुनाव लड़ने का फैसला लेने में बहुत देर हो गर्इ है। हमें चुनाव अभियान के दौरान कर्इ मुद्दों काे बारीकी से सोचकर आगे बढ़ना होगा।
एमडीए सरकार के घटक दल होने के नाते दोनों दलों को बहुत कुछ सोच समझ कर फैसला लेना होगा। लांगोन ने कहा कि हमें देखना होगा कि जिसे हम काॅमन उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतारना चाह रहे हैं वह पूरे क्षेत्र को कवर करने में सक्षम होगा? लांगोन के मुताबिक अध्यक्ष डाॅ डोनपुर राय के सामने सभी बातों को रखा जाएगा। उन्हें लगता है कि आम सहमति से उम्मीदवार पर आखिरी फैसला करने से पहले दोनों उम्मीदवारों पीएम सिएम आैर पीयूष मारवेन को आमंत्रित करना चाहिए।बता दें कि पीयूष मारवेन यूडीपी के नेता है। जो फरवरी में विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। अब सूडीपी इस दुविधा में है कि मारवेन को दोबारा से मैदान में उतारे या पीडीएफ प्रमुख पीएन सिएम की बात पर गौर करते हुए काॅमन उम्मीदवार को खड़ा करे या एनपीपी के उम्मीदवार एम एम डांग्गो का समर्थन करें। यूडीपी के वरिष्ठ नेता लांगोन ने कहा कि यह सही है कि रानीकोर में कर्इ राजनीतिक दलों के नेता एनपीपी के उम्मीदवार डांग्गों को हराने के लिए काॅमन उम्मीदवार उतारने के पक्ष में है।