जनसंयोग(डीआईपीआर) विभाग में हुए 33 करोड़ के विज्ञापन घोटाले के मामले में गिरफ्तार हुए इसके निदेशक रंजीत गोगोई को गुरुवार को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक जिम्मे में भेज दिया।

वे पिछले पिछले तीन दिनों से पुलिस के जिम्मे में थे। इस दौरान उन्हें जनसंयोग विभाग में हुए 33 करोड़ के घोटाले के संबंध में काफी पूछताछ की गई।

इसी बीच मिली जानकारी के अनुसार, सीएम विजिलेंस एंड एंटिकरप्शन सेल का समन पाने के बाद भी बुधवार को इस घोटाले के अन्यतम आरोपी राजीव बोरा और उनकी पत्नी अंजना बोरा हाजिर नहीं हुए। 

विजिलेंस सेल ने अन्य दो अभियुक्तों प्रदीप कलिता और अपुर्व लहकर को भी समन भेजा है।