आ​र्थिक सुस्ती से निपटने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बड़े ऐलान कर रहीं हैं। सूत्रों ने बताया कि डायरेक्ट टैक्स पर बनाए गए टास्क फोर्स ने मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब में बड़ी कटौती करने की सिफारिश की है। इस टास्क फोर्स ने गत 19 अगस्त को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार में मांग बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स स्लैब में कटौती करने की सलाह दी गई है।


सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस रिपोर्ट में 5 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के टैक्सेबल इनकम  पर 10 फीसदी टैक्स लगाने की सिफारिश की गई है। मौजूदा समय में इस स्लैब पर 20 फीसदी का टैक्स देय है। इस रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि सालाना 20 लाख रुपये से अधिक के टैक्सेबल इनकम पर 30 फीसदी का टैक्स लगाना चाहिए। मौजूदा समय में 10 लाख रुपये से अधिक टैक्सेबल इनकम पर 30 फीसदी का इनकम टैक्स लगाया जाता है।

  •  5 लाख से 20 लाख रुपये के टैक्स स्लैब में कटौती से खपत बढ़ाने में मदद मिलेगी और मांग भी बढ़ेगी।

  • 5 से 10 लाख रुपये के इनकम टैक्स स्लैब के लिए 10 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव। वर्तमान में यह 20 फीसदी है।

  • 10 से 20 लाख रुपये के इनकम टैक्स स्लैब के लिए 20 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव। वर्तमान में यह 30 फीसदी है।
     
  • 20 लाख रुपये से अधिक टैक्सेबल इनकम पर 30 फीसदी टैक्स का प्रस्ताव।
     
  • 2 करोड़ रुपये से अधिक के टैक्सेबल इनकम पर 35 फीसदी का टैक्स लगाया जाये। 
  • ढाई लाख रुपये से अधिक टैक्सेबल इनकम पर लगने वाले टैक्स में कोई बदलाव का प्रस्ताव नहीं।
     
  • टैक्स पर लगने वाले सरचार्ज और सेस हटाने की सिफारिश
  • इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत मिलने वाले छूट को जारी रखा जाए, लेकिन इसे रियायत माना जाए।
  • होम लोन के मूल राशि पर टैक्स रिबेट को हटाने का प्रस्ताव।

इस ​रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम टैक्स पर से सरचार्ज (Surcharge) और सेस

(Cess) भी हटाने की सिफारिश की गई है। टास्क फोर्स ने कहा है कि इनकम टैक्स

में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की जरूरत है. इससे मिडिल क्लास खपत पर अधिक

खर्च करेंगे।


वित्त मंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार ने पर्सनल इनकम टैक्स में बदलाव के बारे में नहीं सोचा है। टास्क फोर्स ने यह भी सिफारिश की है कि 35 फीसदी टैक्स का एक नया टैक्स रेट जोड़ा जाए। जिन लोगों को सालाना टैक्सेबल इनकम 2 करोड़ रुपये से अधिक हो, उनपर 35 फीसदी का टैक्स रेट लेना चाहिए।