मेघालय में 10 करोड़ साल पहले पाए जाने वाले डायनासोर की हड्डियों के जीवाश्म मिले हैं। सॉरोपॉड डायनासोर की हड्डियों के इन अवशेषों को अहम खोज माना जा रहा है जिससे उस युग के बारे में और खुलासे होंगे। मेघालय के पश्चिम खासी हिल्स जिले के पास एक इलाके से ये जीवाश्म मिले हैं। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के पूर्वोत्तर स्थित जीवाश्म विज्ञान प्रभाग के अनुसंधानकर्ताओं ने स्थल के अपने हाल ही दौरे के बाद यह निष्कर्ष निकाला।

जानकारी के अनुसार जीएसआई अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि यह पहली बार है,जब क्षेत्र में पाए गए संभवत: टाइटैनोसॉरियाई मूल के सॉयरोपॉड के अवशेष मिले हैं। सॉरोपॉड की लंबी गर्दन, लंबी पूंछ, शरीर के बाकी हिस्से की तुलना में छोटा सिर, चार मोटी एवं खंभे जैसे पैर होते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद मेघालय भारत का पांचवां राज्य और पूर्वोत्तर का पहला राज्य है जहां टाइटैनोसॉरियन मूल के सॉरोपोड की हड्डियां मिली हैं।

भूवैज्ञानिकों के अनुसार मेघालय में 20 साल पहले भी डायनासोर के जीवाश्म मिले थे लेकिन उनकी हालत अत्यंत खराब थी। इस बार जिन हड्डियों की पहचान की गई है, वे 2019-2020 और 2020-21 में मिली थीं, जो अनुमानत: करीब 10 करोड़ साल पुरानी बताई जा रही हैं।