आरएसएस नेता जगदंबा मल के एक बयान से असम के दिमा हसाओ जिले में हिंसा भड़क गई थी। मल के बयान से लगी आग को बुझाने के लिए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल को आगे आना पड़ा है। सोनोवाल ने रविवार को दिमा हसाओ जिले में पुलिस फायरिंग में दो लोगों की मौत और हिंसा के बाद व्याप्त तनाव को कम करने के लिए कई सामाजिक समूहों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। हिंसा के केन्द्र बने मईबांग कस्बे में बेमियादी कफ्र्यू में रविवार को पांच घंटे की ढील दी गई। इस बीच 48 घंटे का दिमा हसाओ बंद रविवार सुबह समाप्त हो गया। 

हाफलोंग से एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, तनाव कम करने और हालात सामान्य हो इसके लिए मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने विभिन्न सामाजिक समूहों, छात्र संघों व अपेक्स बॉडीज को चर्चा के लिए आमंत्रित किया है। यह मूल रूप से सौहार्दपूर्ण रास्ता निकालने के लिए है। अधिकारियों ने बताया कि मईबांग में 25 जनवरी को लगाए गए बेमियादी कफ्र्यू में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आंशिक ढील दी गई। दो युवकों की मौत के विरोध में 48 घंटे का जिला बंद भी रविवार को समाप्त हो गया। इस दौरान कहीं से अप्रिय वारदात सामने नहीं आई। असम सरकार पहले ही मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा कर चुकी है। 

साथ ही गंभीर रूप से घायलों को 1-1 लाख और पुलिस कार्रवाई में मामूली रुप से घायल हुए लोगों को 20-20 हजार रुपए देने की घोषणा की गई। कृषक मुक्ति संग्राम समिति ने आरएसएस के कथित ड्राफ्ट और पुलिस की कार्रवाई के विरोध में राज्य के विभिन्न इलाकों में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के पुतले फूंके गए। ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन ने कोकराझार में कैंडल लाइट मार्च निकाला। नॉर्थ फ्रंटियर रलवे के प्रवक्ता ने बताया कि 25 जनवरी को जिले में विभिन्न संगठनों ने कथित नगा शांति समझौते के मसौदे के विरोध में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया था। 

मईबांग स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनों को रोक दिया। उन्होंने एक ट्रेन की खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए थे। स्टेशन की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और रेल पटरियों को उखाड़ दिया। भीड़ को खदेडऩे के लिए पुलिस ने शुरुआत में लाठीचार्ज किया और हवा में फायरिंग की। अधिकारियों का कहना है कि जब भीड़ बेकाबू हो गई और डिप्टी कमिश्नर के कैवलकेल्ड में शामिल वाहनों को क्षतिग्रस्त कर हिंसा करते रहे तो पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। बाद में जिला प्रशासन ने मईबांग इलाके में बेमियादी कफ्र्यू लगा दिया।