प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के सेना की वर्दी पहनने को लेकर दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh)  ने उन पर निशाना साधा है।  उन्होंने ट्वीट कर कहा कि ये केवल शुरुआत है, लेकिन उन्हें तब भी कोई आश्चर्य नहीं होगा जब पीएम मोदी खुद को देश का स्थाई प्रमुख (परमानेंट हेड ऑफ स्टेट) घोषित कर देंगे। 

 दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने अपने ट्वीट में यशवंत सिंहा के एक ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, ‘यह केवल शुरुआत है यशवंत सिन्हा जी (Yashwant Sinha) ।  हिटलर प्रथम विश्व युद्ध में एक कॉर्पोरल था और उसने खुद को जर्मन सेना का कमांडर इन चीफ घोषित किया था।  अगर मोदी जी को संसद में एक और कार्यकाल मिलता है तो मुझे इस पर कोई आश्चर्य नहीं होगा, अगर वे संविधान में बदलाव करते हैं और खुद को राज्य का स्थाई प्रमुख (Yashwant Sinhae)  घोषित करते हैं!’

यशवंत सिन्हा ने एक ट्वीट में लिखा था कि कितना अच्छा लगता अगर शास्त्री, इंदिराजी और अटलजी ने पाकिस्तान पर भारत की जीत का जश्न पूरे सैन्य पोशाक में मनाया होता।  दिग्विजय सिंह की टिप्पणी इसी बात पर आई। हालांकि इससे पहले भी एक ट्वीट में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी पर उनके ड्रेस को लेकर निशाना साधा था। 

 जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में जवानों के साथ दीवाली मनाने पहुंचे पीएम मोदी ने नौशेरा में सेना (PM modi wearing army uniform in Nowsher) की वर्दी पहन रखी थी।  दिग्विजय सिंह ने उनके ड्रेस पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया, ‘क्या कोई सिविलियन आर्मी की ड्रेस पहन सकता है? क्या इस बारे में जनरल रावत या फिर रक्षा मंत्री कोई सफाई दे पाएंगे?’

साथ ही कांग्रेस नेता ने उस बात को भी कोट किया जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि पहले हथियारों को भारत लाने में भारत में सालों लग जाते थे लेकिन अब आत्मनिर्भर भारत पर फोकस किया जाता है।  

दरअसल, दीवाली के मौके पर पीएम मोदी ने जवानों के बीच इस बात पर भी जोर दिया था कि भारत को बदलती दुनिया और युद्ध के बदलते तरीकों के अनुरूप अपनी सैन्य क्षमताएं विकसित करनी होंगी।  उन्होंने कहा था कि सम्पर्क बढ़ाने और सैनिकों की तैनाती के लिए आधुनिक सीमा बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है। 

मोदी ने कहा कि देश की आजादी की रक्षा की जिम्मेदारी सभी की है और आज का भारत आजादी के अमृत काल में अपनी क्षमताओं और संसाधनों से वाकिफ है।  उन्होंने रक्षा संसाधनों में बढ़ती ‘आत्मनिर्भरता’ के महत्व को भी रेखांकित किया, जो पहले विदेशों पर निर्भरता की अवधि और रक्षा खरीद के लिए लगने वाले लंबे समय के विपरीत है। 

उन्होंने कहा कि रक्षा बजट का 65 प्रतिशत देश के अंदर इस्तेमाल किया जा रहा है और कहा कि 200 उत्पादों की एक सूची तैयार की गई है जो केवल स्वदेशी रूप से खरीदे जाएंगे।  उन्होंने कहा कि जल्द ही सूची का विस्तार किया जाएगा।