भोपाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने खरगोन दंगों के मामले में विवादित ट्वीट के चलते स्वयं पर कई स्थानों पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद सवाल किया है कि क्या इस देश में अब प्रश्न पूछना गुनाह हो गया है और क्या लोकतंत्र अब इकतरफा विचार से चलेगा। 

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सिंह ने आज अपने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'मुझे खरगोन के दंगे के संदर्भ में अनेक विडियो व चित्र मिले थे। मेरे परिचित ने अनेक चित्रों और वीडियो के साथ इस चित्र को भी साझा किया था। मैंने अपने ट्वीट में इस आधार पर किसी भी धार्मिक स्थल पर हथियार लेकर झंडा लगाने के औचित्य पर प्रश्न किया था। उसके बाद बीजेपी की शिकायत पर मेरे खिलाफ तमाम धाराओं में केस दर्ज किए गए। हालाँकि इस चित्र के बारे में मुझे जैसे ही जानकारी मिली कि यह साल 2017 में बिहार के मुजफ़्फऱपुर का है मैंने तत्काल अपना ट्वीट डिलीट कर दिया, लेकिन मेरे प्रश्न खरगोन दंगे के बारे में यथावत रहे।' 

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इसके बाद सिंह ने सवालिया लहजे में कहा कि क्या इस देश में अब प्रश्न पूछना भी गुनाह हो गया है और क्या विपक्ष के नेता के रूप में वे अपने देश/ प्रदेश की जनता के एक वर्ग के खिलाफ बन रहे ऐसे माहौल पर सवाल नहीं कर सकते? उन्होंने कहा कि क्या बग़ैर नोटिस और बग़ैर जाँच-परख के अपने विरोधियों पर बुलडोजर हमला न्यायसंगत है और क्या लोकतंत्र अब एकतरफ़ा राजनीतिक विचार से ही चलेगा? खरगोन दंगों पर अपने विवादित ट्वीट के बाद सिंह पर भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नर्मदापुरम और सतना में एफआईआर दर्ज की गई है।