मध्यप्रदेश में सियासी घमासान के चलते है कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह बंगलूरू में एक और ड्रामा शुरू कर दिया है। दिग्विजय बागी विधायकों से मिलने बंगलूरू गए थे। लेकिन बंगलूरू पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया है। उसके बाद वे भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उनके साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और कांतिलाल भूरिया मौजूद हैं। वहीं दूसरी और आज फ्लोर टेस्ट के लिए भाजपा की बहुमत परीक्षण कराने वाली याचिका पर उच्चतम न्यायालय सुनवाई करेगी। माना जा रहा है कि अदालत कोई अहम फैसला दे सकती है।

उधर, बंगलूरू पुलिस दिग्विजय को अमरुतहल्ली पुलिस स्टेशन लेकर पहुंची, जहां उन्हें एहतियातन पुलिस हिरासत में रखा गया है। दिग्विजय का कहना है कि वह अब भूख हड़ताल करेंगे। बता दें कि वह रामादा होटल के पास विधायकों से मिलने के लिए धरने पर बैठे हुए थे। जहां से पुलिस ने उन्हें हटा दिया है और हिरासत में ले लिया। दिग्विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस हमें अपने विधायकों से मिलने नहीं दे रही है। मैं मध्यप्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार हूं। 26 मार्च को मतदान होना है। मेरे विधायकों को यहां बंदी बनाकर रखा गया है। उनके फोन छीन लिए गए हैं। विधायकों के लिए यह सुरक्षा का खतरा है।
जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले बंगलूरू में मौजूद बागी कांग्रेसी विधायकों ने मीडिया से बातचीत की थी। जिसमें उन्होंने कहा कि वह कमलनाथ सरकार की कार्यशैली से खुश नहीं हैं साथ ही उन्होंने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया हमारे नेता हैं। हम भोपाल लौटने के लिए तैयार हैं लेकिन हमें केंद्रीय सुरक्षा दी जाए। वो भाजपा में शामिल होने पर अभी विचार कर रहे हैं। उन्होंने अपने ऊपर भाजपा द्वारा बंधक बनाए जाने के सवाल पर कहा कि वह अपनी मर्जी से आए हैं। बागी विधायकों ने कहा, 'हमें मजबूरी में साथ छोड़ना पड़ा। हम बंधक नहीं हैं, अपनी इच्छा से यहां आए हैं।