दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही देश की डिजीटल करंसी ई-रुपी लांच करेगा. इसके लिए आरबीआई ने शुक्रवार को ई-करंसी का कांसेप्ट नोट जारी किया है. बैंकिंग धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए ई-रुपी का कांसेप्ट रखा गया है जो कि लेनदेन में पूरी तरह सुरक्षित होगा और ई-रुपी डिजिटल करंसी की तरह काम करेगा.

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आरबीआई के अनुसार ई-रुपी में खास बात ये होगी कि इसके इस्तेमाल के लिए बिजली या इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी. शुरू में इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में होगा, बाद में इसका दायरा बढ़ाया जाएगा. गौरतलब है कि मोदी सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह बिटकॉइन की तरह कोई क्रिप्टोकरंसी भारत में नहीं चलने देगी. भारत सरकार अपना डिजिटल रुपया जारी करेगा. उसी का रूप ई-रुपी है. इस ई-रुपी से हम वो सारे काम कर सकेंगे, जो पॉकेट या बटुए में रखे नोट से करते हैं. बल्कि ई-रुपी से लेनदेन बटुए में रखे नोट से अधिक तेज और सुरक्षित होगा.

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जानकारी के अनुसार ई-रुपी को ई-वॉलेट में रखा जाएगा जैसे पेटीएम या गूगल पे आदि में पैसे जमा रखते हैं. ई-रुपी किसी को हाथ में देने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि उस व्यक्ति के खाते में डिजिटली ट्रांसफर किया जाएगा. जिस तरह नोट के लेनदेन के लिए बिजली या इंटरनेट की जरूरत नहीं होती, वैसे ही ई-रुपी के लिए भी जरूरत नहीं होगी. हालांकि पेटीएम, गूगलपे जैसे ई-वॉलेट के चलाने के लिए बिजली और इंटरनेट की जरूरत होती है.

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ई-रुपी के लिए किसी बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होग, जैसा बाकी करंसी के लिए होता है. यूपीआई वॉलेट या कार्ड से पेमेंट तभी होता है जब कोई बैंक खाता हो. लेकिन ई-रुपी में किसी बैंक खाते की जरूरत नहीं होगी. जिसे पेमेंट करना हो, उसके लिए खास तरह का ई-वाउचर जारी होगा. वह व्यक्ति ई-वाउचर को रीडीम कर सकेगा. कांटेक्टलेस ई-रुपी पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक वाउचर के रूप में होगा, जिसका कोई प्रिंट आउट लेकर नहीं चलना होगा. न ही ई-वाउचर का प्रिंट आउट किसी को देना होगा. ई-वाउचर से लेनदेन वेरिफिकेशन कोड से होगा. इसमें किसी कैश या कार्ड की जरूरत नहीं होगी.

ई-रुपी वाउचर के लिए दो स्टेप का रिडेम्पशन प्रोसेस होगा, जिसके जरिये ई-रुपी से पेमेंट किया जा सकेगा. इसमें पेमेंट के डिक्लाइन होने या पेमेंट फेल होने की आशंका भी नहीं होगी, क्योंकि पेमेंट की राशि पहले ही ई-वाउचर में सेव रहेगी है. इसके साथ ही ई-रुपी लेनदेन करने वाले व्यक्ति को अपनी पर्सनल जानकारी नहीं देनी होती और न ही इसमें किसी कार्ड या यूपीआई की जानकारी देनी होगी. इस तरह पेमेंट करने वाले और पेमेंट लेने वाले व्यक्ति के डेटा की गोपनीयता बनी रहती है.

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यूपीआई वॉलेट या इंटरनेट बैंकिंग के लिए डिजिटल पेमेंट ऐप या बैंक खाते की जरूरत पड़ती है. लेकिन ई-रुपी के लिए न तो डिजिटल पेमेंट ऐप चाहिए और न ही कोई बैंक खाता, केवल मोबाइल से काम हो जाएगा. वहीं फिलहाल देश में भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडसइंड बैंक, आईसीआईसीआई बैंक आदि बैंकों ने ई-रुपी जारी किया है.