केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने बुधवार, 3 नवंबर को देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान किया था. केंद्र सरकार ने डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल पर 5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम कर दिया है. केंद्र के इस फैसले के बाद देश के कई बीजेपी शासित राज्यों ने भी अपने स्तर पर पेट्रोल-डीजल पर लगाने जाने वाले टैक्स में कटौती कर दी है. केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ईंधन पर लगाए जाने वाले टैक्स घटाने जाने के बाद देश के बीजेपी शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ी कटौती हो गई है.

गोवा में, केंद्र सरकार के बाद राज्य सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल पर वसूले जाने वाले टैक्स में कटौती कर दी है. केंद्र और राज्य सरकार के इस फैसले के बाद गोवा में ईंधनों के वितरकों को करीब छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. पेट्रोल पंप डीलरों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. ऑल गोवा पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष परेश जोशी ने बताया कि राज्य के सभी 130 वितरकों को करीब छह करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम कंपनियों ने वितरकों से दिवाली की पूर्व संध्या पर अपने टैंकों को भरा रखने के लिए कहा था क्योंकि अगले दो दिनों तक फिलिंग टर्मिनल बंद रहते. जोशी ने कहा, “जब वितरकों ने अपना भंडार अधिकतम सीमा कर लिया, तब केंद्र द्वारा और बाद में राज्य सरकार द्वारा कीमतों में कमी की अचानक घोषणा कर दी गई. इससे उन वितरकों को भारी नुकसान हुआ, जिन्होंने पुरानी दरों पर ईंधन खरीदा था.”

तीन नवंबर को केंद्र द्वारा उत्पाद शुल्क में कटौती और फिर गोवा सरकार द्वारा वैट में कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत में कुल 12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 17 रुपये प्रति लीटर की कमी आ गई है. परेश जोशी ने कहा कि ज्यादातर वितरकों को उनके भंडारण क्षमता के हिसाब से 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई करने में उन्हें एक या डेढ़ महीने का समय लग जाएगा.