अफगानिस्तान के सबसे सेफ इलाके पंजशीर पर तालिबान कब से कब्जा करने की कोशिश में लगा था लेकिन हाल ही में तालिबान का कहना है कि घाटी 'पूरी तरह से कब्जा कर ली गई', प्रतिरोध बलों ने दावे से इनकार कर दिया है। बता दें कि तालिबान ने दावा किया है कि उन्होंने अफगानिस्तान में प्रतिरोध बलों के अंतिम गढ़ पंजशीर घाटी पर "पूरी तरह से कब्जा" कर लिया है।


तालिबान के एक प्रवक्ता ने कहा कि "इस जीत के साथ, हमारा देश पूरी तरह से युद्ध के दलदल से बाहर निकल गया है।" हालांकि, तालिबान विरोधी प्रतिरोध बल- राष्ट्रीय प्रतिरोध बल (एनआरएफ) ने तालिबान के दावों को ' झूठा' करार दिया है।

पूर्व अफगान गुरिल्ला कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे ने तालिबान से लड़ाई लड़ी है, बताया गया है कि “तालिबान का पंजशीर पर कब्जा करने का दावा झूठा है। एनआरएफ बल लड़ाई जारी रखने के लिए घाटी में सभी रणनीतिक पदों पर मौजूद हैं। हम अफगानिस्तान के लोगों को आश्वस्त करते हैं कि तालिबान और उनके सहयोगियों के खिलाफ संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय और आजादी नहीं मिलती।''


इस बीच, अहमद मसूद ने दावा किया है कि पाकिस्तान की सेना और आईएसआई पंजशीर घाटी में लड़ाई में तालिबान का 'नेतृत्व' कर रहे हैं। अहमद मसूद ने दावा किया है कि “तालिबान हमारे साथ नहीं लड़ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेना और आईएसआई उनका नेतृत्व कर रहे हैं। तालिबान हमारे साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए पर्याप्त मजबूत नहीं हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेना उनके साथ सहयोग कर रही है, ”।