बच्चों में आमतौर पर होने वाली अतिसार की बीमारी की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए असम में अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान की शुरूआत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से ‘गहन अतिसार नियंत्रण पखवाड़ा’ (आईडीसीएफ) के तौर पर की गई है।

एक सप्ताह तक चलेगा अभियान

पूरे सप्ताह तक चलने वाली इस अभियान में स्वास्थ्य कर्मी एवं अलग अलग विभागों के लोगों को अतिसार के उपचार और रोकथाम के उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है।

क्या होती है अतिसार की बीमारी

यह खासकर बच्चों में होने वाली एक आम बीमारी है। इस बीमारी से स्वच्छ पेयजल का उपयोग कर, स्वच्छता अपना कर, हाथ धोने तथा नवजात बच्चों को कम से कम 6 छह माह तक स्तनपान कराकर तथा उचित पोषण देकर रोका जा सकता है। इसके अलावा बच्चों को सही मात्रा में ओआरएस घोल और जिंक गोलियां खिलाकर अतिसार की बीमारी से बचाया जा सकता है।