पांच दिवसीय दीपोत्सव (Diwali) का आगाज मंगलवार को धनतेरस (dhanteras ) से हो रहा है। पांच दिन तक शहर में पर्वों का उल्लास छाएगा। इन पांच दिनों में खुशियों के नौ पर्व मनाए जाएंगे। पर्व को लेकर घरों और प्रतिष्ठानों में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

व्यापारियों को उम्मीद है कि धनतेरस पर बेहतर व्यापार होगा। इस साल धनतेरस (dhanteras shubh muhurat) पर भौमप्रदोष एवं त्रिपुष्‍कर योग बन रहा है। ज्‍योतिष के मुताबिक खरीदारी के लिए बेहद शुभ माने जाने वाले इस योग में जो चीज खरीदी जाती है, वह तीन गुना लाभ देती है। साथ ही खूब सुख-समृद्धि लाती हैं। यह योग धनतेरस (dhanteras shubh muhurat) के दिन सुबह 11.03 बजे तक ही है। लिहाजा सूर्योदय से लेकर इस समय तक सोने-चांदी की चीजें, तांबे-पीतल के बर्तन, गाड़ी इलेक्‍ट्रॉनिक आइटम्स की खरीदी इस योग में शुभ रहेगी।

धन तेरस आरोग्य के देवता धनवंतरी एवं धन के देवता कुबेर (Kuber) की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन सुबह धनवंतरी की पूजा की जाती है तो शाम को धन के देवता कुबेर की पूजा होती है। लोग आरोग्य एवं धन की प्राप्ति के लिए दोनों ही देवताओं की पूजा अर्चना करेंगे। लक्ष्मी प्राप्ति के लिए प्रदोष काल या स्थिर लग्न को ही श्रेष्ठ माना गया है। धन तेरस के दिन प्रदोष काल एवं स्थिर लग्न में खरीदारी करना बहुत शुभ माना गया है। इस दिन दीघ्र कालीन वस्तुएं खरीदना ज्यादा शुभ माना गया है। इस दिन सोना, चांदी, शुद्ध धातु के बर्तन, विलासिता की वस्तुएं, वाहन, फर्नीचर आदि खरीदना शुभ माना गया है।