राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तीन सदस्यीय टीम रविवार तड़के जम्मू स्थित भारतीय वायु सेना अड्डे पर हुए दो विस्फोटों की जांच के लिए यहां पहुंच गयी है, विस्फोटों में दो कर्मचारी घायल हो गए और इमारत का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। 

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि एयर मार्शल विक्रम सिंह भी स्थिति की समीक्षा के लिए जल्द ही तकनीकी हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए की तीन सदस्यीय टीम विस्फोट स्थल पर जांच के लिए पहुंच गई है और टीम ने जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार विस्फोटकों को ड्रोन से गिराया गया, जिससे विस्फोट हुआ, लेकिन अभी भी आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा की जा रही है। एक अधिकारी ने कहा कि कोंडोर्स संग्रहालय स्टेशन भवन पर हमलों को अंजाम देने में स्थानीय संपर्कों के इस्तेमाल से इंकार नहीं किया जा सकता है। 

उन्होंने कहा, हम ड्रोन के इस्तेमाल सहित सभी कोणों की जांच कर रहे हैं लेकिन फिलहाल अभी कुछ भी पुष्टि नहीं की जा सकती है। जम्मू वायु सेना स्टेशन पर आज तड़के दो कम तीव्रता वाले विस्फोट हुए। भारतीय वायुसेना ने विस्फोटों की पुष्टि की है। उन्होंने कहा, पहले विस्फोट से एक इमारत की छत को मामूली नुकसान पहुंचा है जबकि दूसरा विस्फोट खुले क्षेत्र में हुआ है। दोनों विस्फोट पांच मिनट के अंतराल पर हुए हैं। घटना में वायु सेना के दो जवान डब्ल्यूओ अरविंद सिंह और एलएसी एस के सिंह को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है।

इस घटना के अलावा जम्मू के नरवाल इलाके में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 5 किलो आईईडी बरामद की गई है। नरवाल के एक शॉपिंग मॉल के पास से इन संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है। डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि इस रिकवरी के जरिए शहर में एक बड़े हमले की साजिश को नाकाम कर दिया गया है। संदिग्धों से पूछताछ के बाद कुछ और लोगों की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है। डीजीपी ने कहा कि इस आईईडी को लश्कर के कुछ लोगों ने रिसीव किया था और इसे किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में लगाने की तैयारी थी।