मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक के पारित होने से असम की कला-संस्कृति को नई गति मिलेगी। इस विधेयक को लेकर कुछ लोग गलत प्रचार कर रहे हैं। मुल्यबोध के आधार पर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाया है। जो काम कांंग्रेस 60 सालों में नहीं कर पाई वह हमने महज तीन साल में कर दिखाया है।



यहां रूसजाई स्टेडियम में आयोजित पंचायत प्रतिनिधि अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने राज्यवासियों की हिम्मत बंधाते हुए कहा कि किसी को कमजोर होने की जरूरत नहीं है। कमजोर होने का कोई तर्क भी नहीं है। हममें हिम्मत है इसलिए विधेयक का समर्थन किया है। इस विधेयक से तीन राष्ट्रों के धार्मिक अल्पसंख्यकों को नागरिकता दी जाएगी।

यह विधेयक केवल असम के लिए ही नहीं है। नागरिकता विधेयक को लेकर सरकार के प्रति व्याप्त जनारोष पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हमारे चरित्र पर कोई संदेह नहीं है। हमारी पहली दफे की सरकार है और हम सच्चाई और निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। एपीएससी पहले धन लेन-देन का माध्यम बना हुआ था, हम व्यवस्था में सुधार लाए हैं।' 



उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और सिर्फ विकास का नारा लगाते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार विरोधी गतिविधियों में लिप्त शक्तियों को घुटने टेकने पर मजबूर होना पडेगा। उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए पूछा कि जो शक्ति हमारे खिलाफ निरंतर साजिश पर साजिश कर रही है वे उस समय कहां थे, जब असम खराब दौर से गुजर रहा था।


अपने भाषण प्रसंग में मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दिनों लोग उनकों निशाने पर ले रहे हैं। इससे उनकी देशभक्ति कतई घटने वाली नहीं है, बल्कि देश को, असम मातृ की रक्षा में मुझे अधिक प्रेरणा मिलेगी।