देश के कई हिस्सों में भारी बारिश का कहर जारी है। महाराष्ट्र में वर्षा जनित घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है जबकि हिमाचल प्रदेश के कन्नूर जिले में रविवार को हुए भूस्खलन में 9 लोगों की मौत हो गई। दक्षिण भारत के राज्य केरल में कई जगह भारी बारिश हुई और मौसम विभाग ने राज्य के तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथनमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम समेत कई जिलों के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश में भारी बारिश, गरज और बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताते हुए राज्य के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में रविवार को सुबह के समय उमस भरी गर्मी रही और न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि इस मौसम का सामान्य तापमान है। वहीं, अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस रहा जो इस मौसम में सामान्य से तीन डिग्री अधिक है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने सोमवार को शहर के लिए ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है और मुख्यत: बादल छाए रहने के साथ शाम के बाद गरज के साथ बारिश होने का अनुमान जताया है। मंगलवार के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया गया है और तेज हवाओं के साथ बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में रविवार को हल्की बारिश हुई। आगरा राज्य में सबसे अधिक गर्म स्थान रहा जहां अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में सोमवार को छिटपुट जगहों पर भारी बारिश होने का अनुमान है जबकि 27 और 28 जुलाई को कुछ जगहों पर गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है। राजस्थान में पिछले 24 घंटे में प्रतापगढ़, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों में काफी भारी बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे ज्यादा बारिश प्रतापगढ़ के पीपलखूंट में 16 सेंटीमीटर दर्ज की गई।

हिमाचल प्रदेश के कन्नूर जिले में रविवार को भूस्खलन की कई घटनाओं में 9 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि सांगला-छितकुल मार्ग पर बटसेरी के पास कई जगह भूस्खलन हुआ। पुलिस ने बताया कि एक टेम्पो पर भारी चट्टानों के गिरने की वजह से उसमें सवार 11 लोगों में से 9 की मौत हो गई और दो घायल हो गए। उन्होंने बताया कि जिले में इसी तरह की एक अन्य घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया।

महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में बाढ़, भूस्खलन और बारिश से जुड़ी अन्य घटनाओं के कारण बीते 24 घंटे में एक और व्यक्ति की मौत के बाद रविवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 113 हो गई, जबकि 100 लोग लापता हैं। राज्य सरकार ने यह जानकारी दी। सरकार ने एक बयान में कहा कि इन घटनाओं में 50 लोग घायल भी हुए हैं। एनडीआरएफ ने बताया कि महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण हुए भूस्खलन के बाद 89 शव निकाले जा चुके हैं और 33 लोग लापता हैं। आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ ने इन इलाकों से कुल 90 शव बरामद किए हैं जिनमें से सबसे अधिक 47 शव रायगढ़ की महाड तहसील के सबसे अधिक प्रभावित तालिये गांव से बरामद किए गए हैं। इन तीन जिलों में 34 लोग लापता हैं।

पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले में 78,111 लोगों, कोल्हापुर जिले में 40,882 लोगों सहित कम से कम 1,35,313 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सांगली में कृष्णा नदी और कोल्हापुर में पंचगंगा नदी में बाढ़ आ गई है, हालांकि शनिवार को बारिश कम होने की सूचना मिली थी। NDRF ने महाराष्ट्र के प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए 34 दलों को तैनात किया है। आंकड़ों के अनुसार, एनडीआरएफ दल रायगढ़ के तालिये, रत्नागिरी के पोरसे, पेढ़े और सतारा के मीरगांव, अंबेघर और ढोकवाले में भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रही है।