पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर ङ्क्षहसाग्रस्त पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग हिल्स में स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है और सोमवार रात मिरिक में कथित रूप से पुलिस गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो जाने से संदिग्ध गोरखा कार्यकर्ता हिंसा पर उतारू हो गए, जिसके बाद हिल्स में सेना बुला ली गई। 

मिरिक के अनुमंडलीय अधिकारी ने युवक आशीष तमांग की मौत हो जाने की पुष्टि की है। इस बीच, राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम दाम और पुलिस ने पुलिस गोलीबारी से इन्कार किया है।

पुलिस अधिकारियों ने भी गोलीबारी से इन्कार करते हुए कहा कि मिरिक में लाठीचार्ज के बावजूद हिंसक भीड़ के न हटने पर आंसू गैस के गोले छोड़े गये। 

दूसरी तरफ गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) ने दावा किया है कि उसके पास पुलिस द्वारा प्रयोग में लाई गई गोलियों के साथ ही गोलीबारी के सबूत हैं।

प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक गोरखा समर्थकों ने बिजनबाड़ी में बिजली विभाग के एक बंगले और मिरिक में एक पुलिस चौकी में आग लगा दी। इसके साथ ही 17 माइल स्थित एक इमारत में लकड़ी के फ्लोर में भी आग लगा दी गयी। 

कुर्सियोंग में दो शिक्षिकाओं ने राज्य सरकार से मिले शिक्षा रत्न पुरस्कार पृथक राज्य के समर्थन में लौटा दिये हैं। मिरिक में कल रात जीजेएम और तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में तृणमूल कार्यकर्ता नवराज तमांग गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे सिलीगुड़ी के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

गोरखालैंड आंदोलन को विस्तार देने के लिए गठित गोरखालैंड आंदोलन समन्वय समिति ने अपने अगले कदम को लेकर कलिम्पोंग स्थित स्कॉटिश यूनिवर्सिटी ऑफ मिशन स्कूल में मंगलवार को एक बैठक बुलाई है। 

इस बीच, जीजेएम नेता रोशन गिरि और पी टी वाला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल केंद्र के साथ बातचीत के लिए दिल्ली पहुंच गया है।