पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा (Punjab Deputy Chief Minister Sukhjinder Singh Randhawa) ने शुक्रवार देर रात अमृतसर जिले में भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा ( Indo-Pak International Border) के पास पुलिस चौकियों का औचक निरीक्षण किया।  इस दौरान उन्होंने कहा, पंजाब में इमरजेंसी जैसे (Emergency-like situation is being created in Punjab) हालात बन रहे हैं।  लोग डरे हुए हैं कि सरकार के फैसले के बाद बीएसएफ कर्मी किसी भी समय उनके घरों में घुस जाएंगे और गांवों की घेराबंदी कर उनकी तलाशी लेंगे। 

जानकारी के मुताबिक पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा (Punjab Deputy Chief Minister Sukhjinder Singh Randhawa) ने शुक्रवार देर रात अमृतसर के अजनाला में जगदेव खुर्द पर पंजाब पुलिस के नाके का निरीक्षण किया।  इसे साथ ही उन्‍होंने गागोमहल में भी नाकों का भी निरीक्षण किया।  इस दौरान उन्‍होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की।  निरीक्षण के दौरान उन्‍होंने कहा, बीएसएफ को सीमा (BSF should be kept on the border)  पर ही रखा जाना चाहिए और बाकी इलाकों को पंजाब पुलिस के लिए छोड़ दिया जाना (Punjab Police to maintain law and order) चाहिए ताकि कानून-व्यवस्था बनाकर रखी जा सके। 

 

अपने निरीक्षण को लेकर उप मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, मैं अभी अमृतसर में भारत-पाक सीमा पर हूं और हमारे बलों का मनोबल बढ़ाने आया हूं।  पंजाब सरकार सुरक्षा बलों के साथ खड़ी है क्योंकि वे हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं।  सुरक्षा बलों के बलिदान से हम अपने प्यारे देश में चैन की नींद सो सकते हैं। 

उपमुख्यमंत्री रंधावा ने गांवों में तैनात किए जा रहे बीएसएफ कर्मियों का विरोध किया और सुझाव दिया कि उन्हें केवल सीमाओं पर ही रहना चाहिए। उन्‍होंने कहा लोगों को डर है कि बीएसएफ के जवान बेतरतीब ढंग से उनके घरों में घुस जाएंगे, गांवों की घेराबंदी करेंगे और तलाशी लेंगे।  उन्‍होंने कहा कि यदि बीएसएफ गांवों में प्रवेश करती है, तलाशी लेती है, मामले दर्ज करती है या स्टेशन बनाती है, तो यह देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने का प्रयास होगा। 

 

पंजाब में एक तरह से आपातकाल जैसी स्थिति पैदा की जा रही है, जिसे कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।  पंजाब पूरी तरह से पंजाब पुलिस के हाथों में सुरक्षित है। केंद्र को इसके बजाय सीमा पार से आने वाले ड्रग्स, हथियारों और ड्रोन पर ध्यान देना चाहिए।  शांतिपूर्ण पंजाबियों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।