अलग बोड़ोलैंड तथा अन्य समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर कोकराझाड़ के बोडोफा शिशु उद्यान में आब्सू, एनडीएफबी और पीजेएसीबीएम ने संयुक्त रुप से 3 घंटे का धरना प्रदर्शन किया। इस अवसर पर उपस्थित सैकड़ों लोगों को संबोधित करते हुए पीजेएसीबीएस के उप मुख्य संयोजनक गोर्जन मुसााहरी ने कहा कि केंद्र सरकरा हमारे साथ लुका-छिपी का खेल खेल रही है। बोड़ो समस्याओं के समाधान को अधर में लटकाने का षड्यंत्र कर रही है।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह हमें बार-बार आश्वासन देते हैं कि आप लोगों को बोड़ोलैंड की समस्याओं के समाधान के लिए इस सप्ताह राजनीतिक रुप से वार्ता के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने असम सरकार से बात करके दिसंबर के प्रथम सप्ताह में हमें वार्ता पर बुलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन दिसंबर में हमें नहीं बुलाया गया, अब दिसंबर भी पार होने वाला है, इसलिए भाजपा सरकार से हमारा भरोसा समाप्त हो रहा है। हम मांग करते हैं कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक हमें बुलाकर वार्ता शुरू की जाए।

मुसाहारी ने कहा कि गत नवंबर महीने में जब केंद्र सरकार से वार्ता हुई थी उस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खुद कहा था कि बीटीसी जैसी व्यवस्था से बोड़ो समस्याओं का समाधान नहीं होने वाला है , बीटीसी की जगह कुछ और व्यवस्था लाने की बात उन्होंने खुद कही थी। इसमें हमें एक आशा की किरण दिखाई दी थी कि सरकार बोड़ो समस्या का कोई समाधान निकालने के पक्ष में है, लेकिन दिसंबर महीने में जब हमें नहीं बुलाया गया तो हमें संदेह होने लगा है कि केंद्र सरकार हमारे साथ कोई खेल खेल रही है।

यूटीसी को लेकर उन्होंने कहा कि यूटीसी की सोच हमारी नहीं है और इस विषय में सरकार ने भी कभी कुछ नहीं कहा। हम अलग राज्य की मांग कर रहे है, यूटीसी की नहीं। बीटीसी के कुछ छात्र संगठनों द्वारा यूटीसी या बोड़ोलैंड राज्य के गठन का विरोध किया जा रहा है, इस प्रश्न पर मुसाहारी ने कहा कि इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन हमारा विरोध कर रहा है। हमारी जो मांगें हैं वह हमारा संवैधानिक अधिकार है और अपने अधिकार के लिए हम आंदोलन कर रहे हैं। 

ज्ञातव्य हो कि बौड़ोलैंड की समस्याओं का स्थाई तथा राजनीतिक समाधान, प्रस्तावित बोड़ोलैंड इलाके से बाहर रहने वाले बोड़ो समुदाय के लोगों को राजनीतिक अधिकार तथा कार्बी आंग्लोंग में रहने वाले बोड़ो लोगों को एसटी का दर्जा प्रदान करने की आब्सू, एनडीएफबी और पीजेएसीबीएम संयुक्त रुप से मांग कर रही है।