पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन 22 जनवरी से तेज किया जाएगा। बनर्जी ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ यहां रानी राशमोनी रोड पर चार दिनों से धरना पर बैठी तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद को संबोधित करते हुए सोमवार को यह बात कही।


मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पहाड़ से इसके खिलाफ विरोध की शुरुआत करेंगी। बनर्जी ने कहा, 'मैं सभी लोगों से प्रार्थना करती हूं कि वे इस क्रूर कानून के खिलाफ सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करें। यह आंदोलन हर ब्लॉक से हो और इसके खिलाफ रैलियां आयोजित की जाएं। सभी मोदी विरोधी लोग एकजुट होकर रैलियां निकालें और इसके खिलाफ आवाज बुलंद करें। हम तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक सीएए और एनआरसी को वापस नहीं लिया जाता है।'


उन्होंने कहा, 'हम पहले राजनीतिक दल हैं जिन्होंने सीएए और एनआरसी के खिलाफ आवाज उठायी। हमने इसके खिलाफ रैलियां की जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। आगे और रैलियां आयोजित की जाएंगी। जो लोगों को उकसा रहे हैं और ऐसे में कुछ अप्रिय घटना होती है तो वे इसके जिम्मेदार होंगे।'


मुख्यमंत्री ने कहा, 'कुछ राजनीतिक दल ऐसे हैं जो रैलियां नहीं निकालते लेकिन प्रति वर्ष हड़ताल करते हैं। अगर आप वाकई गंभीर होकर राजनीति करना चाहते हैं तो रैलियां निकालें और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करें। मैं हिंसा की राजनीति में भरोसा नहीं करती।' बनर्जी ने कहा, 'देश की आर्थिक हालत बदतर होती जा रही है। लोग अपनी नौकरियां खो रहे हैं। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है लेकिन इस मामले को लेकर कोई कदम नहीं उठाए जा रहा है। लेकिन भारतीय जनता पार्टी लोगों को भ्रमित रही है।'


छात्र परिषद के सदस्यों को प्रोत्साहन देते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि यह युवा लड़के लड़कियां देश का नेतृत्व कर सकते हैं। इन लोगों के पास आत्मविश्वास है और एकजुट भारत का सपना है जहां धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है।'


मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि धरना जारी रहेगा और वह लगातार इन लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाने यहां आती रहेंगी। बनर्जी ने कहा, 'आप लोग हिंसा में कभी शामिल नहीं हों, देश को एकजुट करने के लिए मिलकर काम करें, इससे देश में शांति एवं समृद्ध आयेगी।'