अलग बोड़ोलैंड राज्य बनाए जाने की मांग को लेकर असम के बोड़ो संगठनों ने दिल्ली के रामलीला मैदान में महाधरना का आयोजन किया। राज्य के बीटीएडी क्षेत्र के तीन संगठनों आब्सू, एनडीएफबी-पी और पीजेसीएम के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बैनर और पोस्टरों के साथ अलग राज्य की मांग करते हुए सरकार से जल्द ही इस दिशा में कदम उठाने की चेतावनी दी। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में लगभग दो घंटे से भी ज्यादा समय तक आयोजित महाधरना में ऑल असम बोड़ो स्टूडेंट यूनियन(आब्सू) के अध्यक्ष प्रमोद बोड़ो ने कहा कि आखिरी आम चुनावों से पहले भाजपा ने अलग राज्य का भरोसा दिया था। चुनावों के बाद केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ने भरोसा खो दिया है और अब हम बेकार नहीं बैठेंगे।

बता दें कि असम को आधा-आधा बांटो के नारे के साथ अलग बोड़ो राज्य की मांग को लेकर अखिल बोड़ो छात्र संघ ने एक लाख 21 हजार 80 रुपए देखर रामलीला मैदान में मंगलवार को धरना-प्रदर्शन किया।

जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने पर लगी रोक के बाद राष्ट्रीय हरित क्रांति ने धरना-प्रदर्शन के लिए रामलीला मैदान को चिन्हित किया था, लेकिन यह निःशुल्क नहीं है।

फलस्वरूप आब्सू को दिल्ली नगर निगम को भारी रकम चुकानी पड़ी। एक लाख 21 हजार 80 रुपए की इस बड़ी राशि में 10 हजार 80 रुपए जीएसटी, 66 हजार 80 मैदान का किराया, पांच हजार सुरक्षा राशि और 50 हजार यहां आने वाले प्रदर्शनकारियों के लिए सुरक्षा राशि के रूप में देनी पड़ी।

आब्सू पूर्वोत्तर का पहला संगठन है, जिसने जंतर-मंतर पर रोक के बाद इतनी राशि देकर देश की राजधानी में प्रदर्शन किया है। आब्सू के नेताओं ने बताया कि हमने लोकतंत्र की कीमत चुकाई है। यदि जीएसटी के खिलाफ भी यह धरना होता तो जीएसटी का भुगतान करना पड़ता।