सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने वाले कंटेंट डाले जाने के 24 घंटे के भीतर उसे हटाने के लिए कानून बनाने की मांग शुक्रवार को लोकसभा में उठी।

कांग्रेस के गौरव गोगोई ने शून्यकाल के दौरान यह मुद्दा उठाते हुये कहा कि कई लोग फेसबुक, ट्विटर और ह्वाट्सऐप छोड़ रहे हैं क्योंकि वहां आक्रमक अपशब्दों का प्रयोग बढ़ गया है।


उन्होंने कहा कि इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर मीडिया के लोग, लोकप्रिय व्यक्तित्वों और यहां तक कि सांसदों को भी निशाना बनाया जाता है। श्री गोगोई ने कहा कि इसे अपशब्दों वाले कंटेंट हटाने की जिम्मेदारी ऑनलाइन मीडिया प्लेटफॉमों की तय करते हुये कानून बनना चाहिये कि वे 24 घंटे के भीतर उन्हें हटायें।


ऐसा नहीं करने पर उन पर जुर्माना लगाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि कुछ देशों में इस तरह के कानून पहले से हैं।