मोरानहाट।  पूरी तरह से जर्जर हो चुके ऊपरी असम की लाइफलाइन राष्ठट्रीय राजमार्ग स. 37 की मरम्मत की मांग को लेकर अखिल आदिवासी छात्र संघ (आसा) तथा सुतिया छात्र संघ की मोरान आंचलिक समिति ने 14 अगस्त को मोरान  में  दाे घंटे राष्ठट्रीय राजमार्ग अवरोध करने की घोषणा की है।

 वैसे तो राजमार्ग 3 7 पूरी तरह जर्जर हो चुका है मगर मोरान के झोलंग से लेकर नतून नगर के बीच विभिन्न स्थानों पर इतने बड़े-बड़े गड्डे बन गए है कि वाहनों को उन्हें पार करने में काफी मशक्क्त करनी पड़ती है। बरसात का पानी भर जाने की सूरत में गड्डों  का अनुमान लगा पाना मुश्किल होता है तथा दुर्घटनाएं बढ़ जाती है ।

राज्य में भाजपा की सरकार के एक वर्ष बीत जाने तथा मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल द्वारा विभाग को रास्तों की मरम्मत करने के निदेश देने के बाबजूद विभाग के कानों  पर जू तक नही रेगीं । बताते चले  कि केंद्र सरकार ने राजमार्ग  की मरम्मत के लिए धन भी आबंटित कर दिया, इसके बाबजूद राजमार्ग की मरम्मत नहीं करना किसी की समझ से परे है। 

ज्ञात हो कि अजायुछाप की मोरान आंचलिक समिति ने राजमार्ग की मरम्मत की मांग को लेकर राजमार्ग अवरुद्ध की थी, मगर उस बाबत भी कोरे आवासन के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा। 

बहरहाल कांग्रेस के शासन काल में जर्जर मार्गो को मुद्दा बनाने वाली भाजपा तथा उनके विधायक एवं नेता आज राजमार्ग की बदहाली पर चुप हैं तथा अपनी नाकामी छुपाने के लिए बस एक ही राग अलापते दिखते हैं कि जो सत्तर वर्षों में नहीं हुआ उसे हम महज एक वर्षों में कैसे कर सकतें है । बहरहाल राजमार्ग अवरोध करने की जानकारी आसा की केंद्रीय समिति के सचिव देवेन उरांग ने दी है ।