लंबे समय से चल रहे असम और मेघालय सीमाववाद का अब हल करने की मांग की जा रही है। नागरिकता बिल के कारण ये विवाद कुछ समय के लिए रुक गया था लेकिन अब ये धीर-धीरे अपनी आवाज तेज करने लगा है। जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने के लिए लोग मांग करने लगे हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने भी बात की है।

संगमा ने बताया कि लंबे समय से लंबित सीमा विवाद का हल होना चाहिए। जानकारी के लिए बता दें कि गत दिनों असम-मेघालय सीमा पर घटित एक घटना के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (नेसो) ने भी पश्चिम खासी हिल्स में स्थित उमावाली में असम पुलिस की कार्रवाही की निंदा की है।

लाठी चार्ज में बड़ी तादात में महिलाओं को चोटे लगी थी। मेघालय सरकार को अपने लोगों का विरोध झेलना पड़ रहा है। इस मामले पर सरकार की तरफ से ठोस कदम ना उठाए जाने का आरोप लगाया है। इसके विरोध में एक जनसभा के दौरान नोंगस्टोइन में उप-मुख्यमंत्री प्रेस्टन टिनसोंग को काला झंडा भी दिखाया गया।


नेसो ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सौहार्द बनी रहे, इस पर बल दिया जाए।  नेसो  के अध्यक्ष सैमुअल जिरवा ने कहा कि महिलाओं पर हमला करना गलत है। पुलिसकर्मियों और शामिल अन्य लोगों के खिलाफ कड़ी कर्रवाही करनी चाहिए। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतर्राज्यीय सीमा समस्या का हल नेसो बहुत ही लंबे समय से मांग कर रहा है। वो चाहते हैं कि दोनों राज्य की सरकारें इस मामले का समाधान करे।

इसी बीच ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन(आसू) ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। संस्था के अध्यक्ष दीपांका कुमार नाथ ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद को शीघ्र की हल करना चाहिए।गौैरतलब है कि एक साल पहले एनपीपी की अगुवाई वाले एमडीए की सत्ता के बाद लंबे समय से चल रहे सीमाविवाद के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक बार भी मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव स्तर की बैठक नहीं हुई है।