अमरावती। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के एक वकील ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से कथित रूप से वाईएसआरसीपी सांसद गोरंटला माधव से जुड़े एक आपत्तिजनक वीडियो क्लिप के फोरेंसिक जांच का आदेश देने का आग्रह किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस इस मुद्दे पर लोगों को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश कर रही है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा वीडियो असली नहीं है। जी. लक्ष्मीनारायण ने शाह को पत्र लिखकर वीडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच की मांग की है।

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वकील ने कहा कि अनंतपुर के पुलिस अधीक्षक के. फकीरप्पा के इस बयान से महिलाएं हैरान हैं कि वीडियो क्लिप फजी और मॉफ्ड है। उन्होंने लिखा कि चूंकि मामला महिलाओं के स्वाभिमान और सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए गृह मंत्री को वीडियो की फोरेंसिक जांच कराने का आदेश देना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। वकील ने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआर कांग्रेस पाटी (वाईएसआरसीपी) सरकार महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने में विफल रही है।

वकील के मुताबिक, जून 2019 से जुलाई 2022 के बीच यौन उत्पीडऩ और महिलाओं के खिलाफ अन्य अपराधों के 777 मामले सामने आए है। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) को उनके खिलाफ कथित यौन उत्पीडऩ की शिकायत मिली थी। शिकायत के मुताबिक, सांसद पर पीडि़ता की सहमति के बिना अशील वीडियो कॉल करने का आरोप है। एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को इस मामले में स्वतंत्र जांच करने को कहा है।

हिंदूपुर से सांसद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें बदनाम करने के लिए एक नकली और मॉफ्ड वीडियो वायरल कर रहे है। उन्होंने वीडियो क्लिप को राजनीतिक विरोधियों की साजिश करार दिया। अन्नातापुर के एसपी ने बुधवार को कहा कि वीडियो क्लिप असली नहीं है, लेकिन असली वीडियो मिलने के बाद ही पता चल पाएगा कि यह क्लिप मॉफ्ड है या नहीं। उन्होंने खुलासा किया कि वीडियो यूनाइटेड किंगडम में रजिस्टडü एक मोबाइल नंबर से अपलोड किया गया था और इसे पहले आई-टीडीपी व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर किया गया था।

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एसपी ने कहा कि चूंकि वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर कई बार साझा किया गया है, इसलिए पुलिस के लिए यह पता लगाना मुश्किल हो गया है कि यह असली था या मॉफ्ड। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति ने रिकॉड किए गए वीडियो को दूसरे व्यक्ति को भेजा और जब दूसरा व्यक्ति इसे अपने मोबाइल पर देख रहा था तो तीसरे व्यक्ति ने इसे रिकॉड कर लिया और उस वीडियो को वायरल कर दिया गया। एसपी ने कहा कि जब तक सबसे पहले वीडियो पोस्ट करने वाले की पहचान नहीं हो जाती और वीडियो का पता नहीं चल जाता, तब तक इस पर कुछ कहना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगर पीडि़ता शिकायत दज कराने के लिए आगे आती है तो यह पता लगाना आसान होगा कि वीडियो असली है या मॉफ्ड। यह पूछे जाने पर कि पुलिस ने सांसद का मोबाइल जब्त क्यों नहीं किया, इस पर एसपी ने कहा, 'पीडि़त को आकर शिकायत करने दीजिए, हम मोबाइल जब्त कर जांच करेंगे।' एसपी ने कहा कि पुलिस ने सांसद माधव के फॉलोअर्स के. वेंकटेश्वर राव की शिकायत पर चार अगस्त को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।