भारत में दशहरे और दिवाली के त्योंहारी मौके पर कई शहरों में बम धमाके करने की साजिश में पकड़े गए ISI के आतंकियों ने बड़े खुलासे किए हैं। अभी ये आतंकी दिल्ली पुलिस के शिकंजे में हैं। ये सभी आतंकी पाकिस्तान से ट्रेनिंग करके लौटे थे। इसके लिए मुंबई धमाके की तर्ज पर डी कंपनी अपने पुराने और विश्वसनीय साथियों का इस साजिश में इस्तेमाल करने जा रही थी। आतंकी समीर पहले भी डी कंपनी के लिए काम कर चुका है।

समीर ने ही रायबरेली के मूलचंद उर्फ लाला को अपने कम के लिए हायर किया था। मूलचंद को विस्फोटक और हथियार इधर से उधर ले जाने के लिए रखा गया था। हालांकि इससे पहले ये आतंकी किसी घटना को अंजाम देते सतर्क दिल्ली पुलिस ने अपने शिकंजे में कस लिया।

आपको बता दें कि अब 28 साल बाद देश में एक बार फिर बम धमाके की साजिश के तार अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम से जुड़े हैं। भारत में त्योहार पर धमाके के लिए दाऊद के भाई अनीस के पास फंडिंग और हथियार सप्लाई की जिम्मेदारी दी गई थी। इन आतंकियों ने पाकिस्तानी कनेक्शन का भी राज खोल दिया है। आतंकियों ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान की सेना में तैनात लेफ्टिनेंट रैंक के अधिकारी ने उन्हें ट्रेनिंग दी थी। दोनों आतंकियों ने पाकिस्तान जाकर ट्रेनिंग ली थी।

इससे पहले 2 आतंकी दिल्ली से मस्कट गए। उसके बाद मस्कट से बोट से जरिए पाकिस्तान पहुंचे। इनको पाकिस्तान में 15 दिनों की ट्रेनिंग दी गई। इस दौरान पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों ने ओसामा और जीशान को ट्रेनिंग दी। ट्रेनिंग के दौरान गाजी में 2 जूनियर अधिकारी भी मौजूद थे। ओसामा, जीशान को ग्वादर पोर्ट के पास जियोनी गांव ले जाया गया। दोनों को पाकिस्तान के थट्टा में फॉर्महाउस पर ठहराया गया था।