दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा असम के गोलपाड़ा में पकड़े गए तीनों आईएसआईएस आतंकियों ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि यू-ट्यूब पर मौजूद वीडियो के जरिए इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) बनाना सीखा था। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह करीब पांच-छह माह से आईएस के बांग्लादेश मॉड्यूल से प्रभावित होकर देश में धमाके करना चाहते थे। इनका हैंडलर (आका) कौन है और कहां बैठा है, पुलिस इसका पता लगाने का प्रयास कर रही है।


साथ ही पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अचानक पांच-छह माह में ऐसा क्या हुआ कि यह आतंकी विचारधारा से प्रभावित होकर देश में धमाके की योजना बनाने लगे। पुलिस रिमांड पर लेकर इनसे पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार असम में हुए नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (एनआरसी) के बाद जिन लोगों का नाम एनआरसी की फाइनल लिस्ट में नहीं आए हैं, उनमें इसको लेकर काफी नाराजगी है। ऐसे में इन तीनों का एनआरसी लिस्ट में नाम था या नहीं, पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।


पुलिस सूत्रों के अनुसार इस बात की भी आशंका है कि कश्मीर में अनुच्छेद-370 हटाए जाने और अयोध्या पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इन लोगों में नाराजगी न हो। इसको लेकर भी इनसे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल आरोपियों ने अपने किसी भी हैंडलर के होने की बात से इंकार किया है। खुलासा किया है कि वह धमाके करने के लिए असम, दिल्ली व दूसरे राज्यों में अपना नेटवर्क खड़ा करने का प्रयास कर रहे थे।


जांच में ये बात भी सामने आई है कि बातचीत करने के लिए यह लोग इंटरनेट कॉल का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने इनके मोबाइल फोन कब्जे में लेकर उनकी छानबीन शुरू कर दी है। पता लगाया जा रहा है कि दिल्ली में इनके संपर्क में कौन-कौन युवक थे और उन्हें कहां धमाके करने थे। आईईडी बनाने के लिए उन्होंने कहां से सामान की व्यवस्था की और उनकी आर्थिक मदद कौन कर रहा था, पुलिस यह भी जानकारी जुटा रही है। आरोपियों के बैंक खातों की भी पड़ताल की जा रही है।