कोरोना वायरस काल में भी साइबर क्राइम की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में लोगों को सावधान रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की धोखेबाजी होने पर पुलिस को इसकी जानकारी देनी चाहिए। दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम डिविजन ने यूजर्स को कुछ फोन नंबर्स से सतर्क रहने के लिए कहा है, क्योंकि उनका इस्तेमाल मासूम लोगों को जालसाजी में फंसाने के लिए किया जा रहा है।

इन नंबरों से लोगों को मैसेज किए जाते हैं और यह दावा किया जाता है कि KYC से संबंधित कुछ दिक्कतें हैं और उनका सिम कार्ड ब्लॉक हो सकता है। इस परेशानी से बचने के लिए, वह कुछ खास नंबर पर कॉल करने के लिए कहते हैं।

DCP साइबर क्राइम के ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से इन SMS के स्क्रीनशॉट शेयर किए गए हैं। लोगों को एक फर्जी SMS मिल सकता है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि KYC दिक्कतों की वजह से आपका सिम ब्लॉक हो सकता है। इस परेशानी से बचने के लिए इनमें मोबाइल फोन नंबर दिए गए हैं, जिन पर आपको कॉल करना चाहिए। आगे बताया कि आपको इन नंबरों पर अगर कॉल करने के लिए कहा जाता है तो भूलकर भी इन पर कॉल नहीं करनी है। किसी भी प्रकार के लिंक पर क्लिक करने कोई ऐप डाउनलोड नहीं करनी है और उनके किसी भी दिशा निर्देशों का पालन नहीं करना है। इसके अलावा उन्हें किसी भी प्रकार की रकम नहीं देनी है। डीसीपी के ट्वीट में साझा किए गए नंबर इस प्रकार हैं- 7477363804, 7815059531, 7604015471, 7478388287, 9007941387 और 7063658227 हैं।

Airtel के सीईओ गोपाल विट्टल ने अपने टेलीकॉम सब्सक्राइबर को चेतावनी दी है कि उन्हें कोविड-19 की स्थिति में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। विट्टल ने Airtel के ग्राहकों को एक पत्र में बताया कि साइबर क्रिमिनल ग्राहकों को VIP नंबर के लिए पेमेंट करने या अकाउंट की जानकारी हैक करने के लिए थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए लुभाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके अलावा उन्होंने ग्राहकों को OTP-फ्रॉड के बारे में भी सतर्क किया है, जिसमें फ्रॉड पेमेंट करने के लिए यूजर्स से OTP लेते हैं। विट्टल ने Airtel ग्राहकों को बताया कि 'इस समय देश के कई भागों में कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के बढ़ने के बाद ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में काफी ग्रोथ हुई है। इस समय में ऐसे वक्त में साइबर फ्रॉड काफी बढ़ा है।

एयरटेल के सीईओ ने ग्राहकों को सावधान किया कि आपसे Airtel के ग्राहक होने का दिखावा करके फ्रॉड किया जा सकता है। ऐसे में यूजर्स से गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से एयरटेल क्विक सपोर्ट (Airtel QuickSupport) ऐप डाउनलोड करके KYC पूरा करने के लिए कहा जाता है। आगे बताया गया कि जब कोई ग्राहक इस ऐप को इंस्टॉल करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें उसके बाद TeamViewer QuickSupport ऐप पर भेज दिया जाता है। ऐसे में फ्रॉड डिवाइस और उससे जुड़ी डिवाइस और अकाउंट पर रिमोट एक्सेस लेने की अनुमति मांगते हैं। अगर आपसे ग्राहक इसे इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं तो वह आपके डिवाइस एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं।

आपको सबसे पहले बता दें कि एयरटेल फोन के जरिए कोई VIP नंबर नहीं बेचता है और कभी भी यूजर्स से किसी भी प्रकार की थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहता है। इन दोनों ही स्थितियों में सबसे पहले आपको 121 पर कॉल करके सुनिश्चित करना है। सबसे जरूरी यह है कि भी प्रकार की संदेह होने पर 121 पर कॉल करनी चाहिए।