दिल्ली के मुंडका में इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम 24 महिलाएं और 5 पुरुष लापता बताए जा रहे हैं। घटना में 27 लोगों की मौत हो चुकी है। संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में शुक्रवार को जले हुए शवों को शिफ्ट किया गया था।

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रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ एक घायल व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के बाद कुल 14 घायलों को अस्पताल लाया गया। जिसमें 13 को छुट्टी दे दी गई है। बिहार के सहरसा के रहने वाले मनोज ठाकुर ने बताया कि वह अपनी पत्नी सोनी का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो आग लगने के समय इमारत में मौजूद थी।

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उन्होंने कहा कि सोनी ने उन्हें फोन करके आग के बारे में बताया था, लेकिन उसके बाद उनका फोन स्विच ऑफ हो गया। हम उसे ढूंढ रहे हैं। लापता लोगों के परिजनों ने भी शिकायत की है कि इलाके से एक भी राजनीतिक प्रतिनिधि जांच के लिए अस्पताल नहीं आया है। एक रिश्तेदार ने कहा, हम अभी भी इंतजार कर रहे हैं कि हमारे विधायक या सांसद अस्पताल में हमें सांत्वना देने आएंगे क्योंकि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हमने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है। इस बीच, दिल्ली पुलिस ने अस्पताल में शवों की पहचान के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, हम इस प्रक्रिया में लापता व्यक्ति के दो परिजनों को अस्पताल के अंदर जाने की अनुमति दे रहे हैं।