राष्ट्रीय राजधानी में हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी इलाके में सोमवार को एक बार फिर पथराव की घटना सामने आयी। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करने के बाद लोगों से शांति कायम रखने की अपील की। दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना जहांगीरपुरी हिंसा के परिप्रेक्ष्य में आज मीडिया को जानकारी दे रहे थे। 

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इसी दौरान जहांगीरपुरी इलाके में फिर से पथराव होने की रिपोर्टें मिली। अस्थाना ने संवाददाताओं को बताया कि जहांगीरपुरी हिंसा मामले की जांच का काम अपराध शाखा को सौंपा गया है तथा इसमें 14 टीमें लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की छानबीन के साथ उनका विश्लेषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से आठ लोग विभिन्न मामलों में पहले से शामिल हैं। उन्होंने अभी और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना व्यक्त की है। उन्होंने कहा , हम मामले से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर गौर कर रहे हैं। स्थिति के सामान्य होने तक इलाके में प्रतिबंध लागू रहेंगे।

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पुलिस आयुक्त ने बताया कि दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को जहांगीरपुरी समेत महानगर के अन्य संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। दिल्ली के पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना ने सोमवार को आश्वासन दिया कि उत्तर पश्चिमी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हुई सांप्रदायिक हिंसा की हर संभव पहलुओं की जांच की जाएगी। आयुक्त ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, मामले की सभी पहलुओं से जांच की जाएगी और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हिंसा में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भाग लेने वाले किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने बताया कि स्पेशल सेल की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (आईएफएसओ) यूनिट को सभी डिजिटल सबूतों का विस्तृत विश्लेषण करने और इसमें शामिल संदिग्धों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करने का काम दिया गया है।विशेष रूप से, मामला औपचारिक रूप से दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दिया गया है।