दिल्ली की जहांगीरपुरी हिंसा मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। हिंसा के दौरान फायरिंग करने वाला असलम भी दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। साथ ही इसमें अंसार का नाम भी शामिल है। अंसार की बीवी ने अपने पति को निर्दोष बताया है। दिल्ली पुलिस ने हिंसा की जांच के लिए 10 टीमें गठित की हैं। अंसार की पत्नी शकीना ने बताया कि, मेरा पति निर्दोष है, रोजा खोलने के वक्त उनके पास जानकारी आई कि, लड़ाई झगड़ा हो रहा है। इसके बाद वह खाना छोड़ कर भागा ताकि कोई मार पिटाई न करने लगे। इसलिए तुरन्त बचाव के कारण वह घर से गया। लेकिन उसे ही दोषी करार दिया जा रहा है।

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हमारा परिवार हिंदू इलाके में रहता है और यहां 12 साल हो गए हैं। वो कभी लड़ने में बिल्कुल नहीं था। हमारे पड़ोसी भी हिंदू हैं। उन्हें आज तक कभी हमसे दिक्कत नहीं हुई। हम एक साथ रहते हैं। हमारे पड़ोसी के बेटे की कोरोना में तबीयत खराब हुई, सबसे गुजारिश कर उसने बेटे का इलाज करवाया। उन्होंने आगे कहा कि, मेरे पति की तबीयत भी ठीक नहीं। शुगर और आधे शरीर में लकवा मारा हुआ है। मेरा पति अच्छे के लिए गया लेकिन उसे ही दोषी बता दिया गया है। मेरे घर मे वही कमाने वाला है, यदि उसको कुछ हो गया तो मेरे परिवार को कौन देखेगा।

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अंसार की पड़ोसन ने बताया कि, वह लड़ाई की फिदरत का नहीं है, वह हमेशा हमारी मदद करता रहता है, मेरे बच्चे के इलाज कराने ले जाता है और पैसों से भी मदद करता है। हमारे सी ब्लॉक में किसी से भी पता कर लीजिए कोई उसको लेकर गलत नहीं बोलेगा। वहीं कोई हमारे गली में कभी झगड़ा भी होता है तो हमेशा रोकता है। दरअसल रामनवमी पर कई राज्यों में हुए बवाल के बाद हनुमान जयंती के मौके पर दिल्ली के जहांगीरपुरी में निकाली जा रही शोभा यात्रा के दौरान जमकर बवाल हुआ। बवाल इतना बढ़ गया कि 8 पुलिसकर्मी और 1 नागरिक घायल हुआ। वहीं पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार भी किया है। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और भारी पुलिस बल तैनात है।