जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा कथित धन शोधन मामले में जारी किए गए समन पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को रोक लगा दी। महबूबा के वकील ने इस आशय की जानकारी दी। ईडी के वकील के अनुसार, एजेंसी के इस बयान पर मामला 19 मार्च तक टाल दिया गया है कि ईडी 15 मार्च को उनकी उपस्थिति पर जोर नहीं देगी।

गौरतलब है कि 61-वर्षीय महबूबा ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत जारी समन को चुनौती देते हुए मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्हें 5 मार्च को एक समन मिला था। याचिका में कहा गया था कि उन्हें सूचित नहीं किया गया है कि उन्हें अभियुक्त के रूप में बुलाया गया है या गवाह के रूप में। याचिका में यह भी कहा गया था कि याचिकाकर्ता जांच का विषय नहीं है और न ही वह कोई आरोपी हैं। उन्होंने आशंका जताई कि यह समन उन पर अनुचित दबाव बनाने और उन्हें परेशान करने के लिए भेजा गया।

याचिका में कहा गया कि ‘‘जब से याचिकाकर्ता को अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद हिरासत से रिहा किया गया है, तब से उनके खिलाफ, उनके परिचितों एवं उनके पुराने पारिवारिक मित्रों के खिलाफ शत्रुतापूर्ण कार्रवाई की जा रही है। उन सबको ईडी ने समन जारी किया है। उनके व्यक्तिगत, राजनीतिक और वित्तीय मामलों के बारे में पूछताछ की जा रही है। उनके निजी उपकरणों को जब्त कर लिया गया है।’’ गौरतलब है कि मुफ्ती को 15 मार्च को सुबह 11.30 बजे राष्ट्रीय राजधानी में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में जांच में शामिल होने के लिए कहा गया था।