दिल्ली सरकार ने पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के मामले में आरोपी बनाए गए 18 लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई मंजूरी दे दी है। दिल्ली पुलिस को दिल्ली सरकार द्वारा यह अनुमति दी गई है। इसमें जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम, नताशा नरवाल, देवांगना कालिता, जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और स्थानीय राजनेता ताहिर हुसैन और इशरत जहां शामिल हैं।

इन सभी के खिलाफ देशद्रोह और आपराधिक साजिश के मुकदमे हैं। पिछले महीने, सरकार ने गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम के तहत आरोपी व्यक्तियों को आरोपित करने के लिए पुलिस अभियोजन स्वीकृति दी थी। लेकिन राजद्रोह की मंजूरी अभी भी प्रतीक्षित थी। दिल्ली सरकार ने पुलिस को दी गई जानकारी और केस आगे चलाने के लिए दी गई मंजूरी के पत्र में लिखा है कि अभियोजन की स्वीकृति लेफ्टिनेंट गवर्नर अनिल बैजल ने दी है।

यह दूसरा मामला है जिसमें उमर खालिद के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाएगा। उन्होंने जेएनयू के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के साथ 2016 के जेएनयू मामले में कथित रूप से भारत विरोधी नारे लगाने के लिए राजद्रोह के आरोप के तहत मामला दर्ज किया गया था।