दिल्ली सरकार की एक महत्वकांक्षी योजना पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी है। केजरीवाल सरकार 25 मार्च से राशन की डोरस्टेप डिलीवरी योजना शुरू करने वाली थी। इसके तहत लोगों को उन्हें घर पर ही सूखा राशन मिलता लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर रोक लगा दी है।

जानकारी के अनुसार केजरीवाल सरकार ने इसके लिए टेंडर तक जारी कर दिए थे। कहा जा रहा है कि केंद्र ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर कहा है कि देशभर में राशन वितरण की योजना केंद्र सरकार के अधीन आती है, ऐसे में दिल्ली सरकार इसमें कोई बदलाव न करे। इसीलिए इस योजना पर रोक लगा दी गई है।

दिल्ली सरकार ने इस योजना का नाम मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना रखा था। आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर पूछा है कि इस योजना को रोककर मोदी सरकार आखिर क्यों राशन माफिया के खात्मे का विरोध कर रही है?

बता दें कि दिल्ली सरकार की यह योजना राजधानी में पहले ही शुरू होनी थी लेकिन राशन की दुकानों पर बायोमैट्रिक मशीनों का संचालन सही से न हो पाने के कारण योजना में देरी हुई। दिल्ली सरकार की इस योजना के तहत सभी 70 विधानसभाओं में लगभग 17 लाख लोगों के घरों तक राशन पहुंचाए जाने की योजना थी।

योजना के अंतर्गत खास बात यह है कि जो लोग पहले की तरह दुकानों से ही राशन लेना चाहते हैं तो उस पर किसी तरह की पाबंदी नहीं है। इच्छुक ग्राहक अपने हिसाब से पहले की तरह राशन ला सकते हैं। मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना के तहत दिल्ली सरकार की ओर से गेहूं न देकर लोगों को आटा दिया जाना था।