दिल्ली में मसाज पार्लर्स की कोई कमी नहीं है. अक्सर पुरूष शौकियातौर पर ऐसे पार्लर को चुनना पसंद करते हैं, जहां महिलाओं द्वारा मसाज की जाती है, लेकिन दिल्ली सरकार ने अब इन मसाज पार्लरों पर लगाम कसते हुए क्रास जेंडर मसाज पर पाबंदी लगा दी है. इसका मतलब अब पुरूष के पार्लर में महिलाओं से मसाज नहीं किया जा सकेगा और न ही महिलाएं पुरूष कर्मचारी से मसाज करवा सकेंगी.

दिल्ली महिला आयोग की रिपोर्ट पर आम आदमी पार्टी की सरकार ने सेक्स रैकेट को रोकने के लिए यह फैसला लिया है. राष्ट्रीय राजधानी में स्थित तमाम मसाज पार्लर पर लगाम कसते हुए दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने दिल्ली में क्रास जेंडर मसाज पर रोक लगा दी है, उन्होंने कहा कि यह कदम सेक्स रैकेट पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है.

सोमवार को राजधानी में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यौन शोषण व मानव तस्करी को रोकने के लिए कड़े नियम अपनाते हुए स्पा और मसाज पार्लरों के संचालन के लिए नए सख्त दिशानिर्देश जारी किए. सरकार द्वारा जारी इस नई गाइडलाइन के अनुसार पुरूष को महिला या महिला को पुरूष मसाज पर रोक लगा दी गई है. यानी महिलाओं की मालिश के लिए महिला मालिशकर्ता रहेगी और पुरूष की मालिश के लिए पुरूष द्वारा ही मालिश की जाएगी. 

दिल्ली में सरकार द्वारा लिया गया ये फैसला समाजिक स्तर पर सराहनीय होता नजर आ रहा है, लोगों द्वारा सरकार के इस नए नियम की सराहना की जा रही है. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने अपने ट्वीट में कहा कि हमने दिल्ली के कई मसाज पार्लरों पर औचक निरीक्षण कर सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया और सरकार को सिफारिशें सौंपी. दिल्ली में विपरीत लिंग के व्यक्ति से मसाज कराने पर प्रतिबंध लगाने के लिए मैं दिल्ली सरकार की आभारी हूॅं. इससे इस समस्या पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.