दिल्ली की एक अदालत ने राजद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे जेएनयू छात्र शरजील इमाम की न्यायिक हिरासत को बढ़ा दिया। इमाम की छह दिनों की न्यायिक हिरासत बुधवार को समाप्त हुई। उसे बिहार के जहानाबाद जिले के काको से 28 जनवरी को गिरफ्तार किया गया।

इमाम को कथित तौर पर प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ भडक़ाऊ भाषण देने व राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद हिरासत को तीन दिन और बढ़ा दिया गया। 6 फरवरी को उसे छह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया और उसे रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। अपराध शाखा ने 26 जनवरी को उसके खिलाफ एक राजद्रोह का मामला दर्ज किया। यह मामला 13 जनवरी को एक भडक़ाऊ भाषण देने के लिए दर्ज किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

उधर, शरजील इमाम का वॉइस सैंपल लिया जाएगा। इसकी इजाजत दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को पुलिस को दी है जिसका मिलान उसके उस भाषण से किया जाएगा, जिसमें वह पूर्वोत्तर को भारत से काटने की धमकी दे रहा है। चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पुरुषोत्तम पाठक ने दिल्ली पुलिस की अपील पर यह निर्देश जारी किया है। जज ने कहा कि मौजूदा केस की परिस्थितियों व तथ्यों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मद्देनजर रखते हुए पुलिस अधिकारी को आरोपी के वॉइस सैंपल लेने की इजाजत दी जाती है। दिल्ली पुलिस ने अपनी याचिका में कहा था कि शरजील ने सरकार के खिलाफ बातें कही थीं जिसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया, वह उस विडियो क्लिप का वॉइस सैंपल से मिलान करना चाहती है।

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