दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के महासचिव मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में असम और मेघालय के दौरे पर आए सिख प्रतिनिधिमंडल ने असम और मेघालय के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के साथ मुलाकात कर शिलोंग में 40 सिख परिवारों को छावनी बोर्ड द्वारा उजाड़े जाने का मामला उठाया है। 

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल पुरोहित के साथ मुलाकात की और उन को बताया कि पिछले दो सदी से यहां रह रहे 40 सिख परिवारों और कुछ हिंदू-ईसाई परिवारों के क्वार्टर छानवी बोर्ड अधिकारियों की तरफ से गिरा दिए गए हैं, जो कि बड़ी नाइंसाफी है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को यह भी ध्यान में लाया कि अधिकारियों ने शिलोंग गुरुद्वारा साहब का लंगर हाल ही में गिरा दिया है। 

उन्होंने राज्यपाल को बताया कि उनको पता है कि इलाके में स्थित गुरुद्वारा साहब और सिख स्कूल को गिरा कर यहां बड़ा मॉल और अन्य बड़ी इमारतें बनाने का प्रस्ताव है। राज्यपाल को यह भी बताया गया कि मेघालय में अल्पसंख्यकों खास तौर पर सिखों को केंद्र सरकार की अल्पसंख्यकों को लिए बनी स्कीम का लाभ नहीं मिल रहा है, क्योंकि यह रिन्यू नहीं की गई या रोक दी गई है। जिनके कारण आधिकारियों को ही मालूम है। 

सिरसा ने कहा कि यह फैसला संविधान की व्यवस्थाओं का उल्लंघन है। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की तरफ से उठाए गए मुद्दों को ध्यान से सुना और अपने प्रमुख सचिव को कहा कि वह मेघालय के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले की जांच करवाएं।