रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence minister Rajnath Singh) ने बुधवार को देहरादून में बनने वाले सैन्य धाम (Sainya Dham) में शहीदों के परिजनों को सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड वीरों की धरती है। यह शौर्य पराक्रम की भूमि है। गुनियाल गांव में बन रहे सैन्य धाम (Sainya Dham) पहुंचे सिंह ने शहीदों के आंगन से एकत्र कर लाई गई मिट्टी पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही, देहरादून के 204 शहीद परिजनों को सम्मानित किया। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने आज से चार साल पहले कहा था कि उत्तराखंड (Uttarakhand) में चार धाम हैं। एक पांचवा धाम सैन्य धाम होना चाहिए। यह जो काम शुरू हुआ है, जल्दी से जल्दी पूरा होना चाहिए। रक्षा मंत्री ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee) ने कहा था कि उत्तराखंड की धरती और पानी में जरूर कोई बात है कि अगर इस राज्य को अलग किया जाए तो कोई समस्या नहीं होगी। इस दौरान सिंह ने तमिलनाडु में हुए सेना हेलीकॉप्टर हादसे में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह (Group Captain Varun Singh) के निधन पर दुख व्यक्त किया और दो मिनट का मौन रखा। 

इसके बाद उन्होंने कहा कि ग्रुप कैप्टन सिंह (Group Captain Varun Singh) भी अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि 1734 शहीद परिवारों के आंगन की मिट्टी लेकर उत्तराखंड में सैन्य धाम बनेगा। सिंह ने कहा कि शहीद वही हो सकता है, जिसके लिए राष्ट्र सर्वोपरि होता है। छोटे मन के लोग यहां काम नहीं कर सकते। जब भारत में ब्रिटिश साम्राज्य था तो 14 और 18 साल के युवाओं ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। वह राष्ट्र भावना थी। चंद्रशेखर आजाद (Chandrashekhar Azad) ने 26 साल में, अशफाक उल्ला खान ने 23 साल की उम्र में बलिदान दिया था। जब अशफाक से पूछा गया कि अंतिम इच्छा क्या है तो उन्होंने कहा कि मेरी मां को यह संदेश भिजवा देना कि आज उसका बेटा फांसी के तख्ते पर खड़ा होकर शादी कर रहा है। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस सैन्यधाम में इतने शहीदों के आंगन की मिट्टी लाना कोई आसान काम नहीं है। जब मैं मिट्टी को यहां पुष्प अर्पित कर रहा था तो मैंने उसे अपने माथे पर लगाया। उत्तराखंड की महान परंपरा के वाहक जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) के जाने से हमारे देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है। यह बेहद दुखद है। अपनी बड़ी जिम्मेदारी को पूरा करने के लिए वह प्रयत्न कर रहे थे। वह सबके दिलों में हमेशा जिंदा रहेंगे। सिंह ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी के साथ नेपाल के रिश्तों को बरकरार रखने के लिये आवश्यक होने पर झुकने की भी बात कही। उन्होंने कहा पूर्व सैनिकों के लिये दिसम्बर अन्त या जनवरी माह तक कई नई घोषणाएं की जायेंगी। उन्होंने केंद्र की उपलब्धियों के साथ राज्य के मुख्यमंत्री की भी सराहना की। कार्यक्रम में रक्षा राज्यमंत्री अजय भट्ट (Minister of State for Defense Ajay Bhatt), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami), राज्य के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष मदन कौशिक सहित अन्य कई विधायक उपस्थित रहे।