भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कोरोना के इलाज के लिए सैन्य अस्पताल आम नागरिकों के लिए खोला जाएगा। इसके साथ ही राजनाथ सिंह ने राज्यों में मौजूद सेना के टॉप कमांडर से अपने-अपने राज्य के मुख्यमंत्री से संपर्क करके जरूरी मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया है।

रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे से बात की और उन्हें राज्य की राजधानियों में मौजूद टॉप कमांडर को राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात करने और हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार रक्षा सचिव अजय कुमार भी रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख की बातचीत के दौरान मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर अब देश के कंटेनमेंट एरिया में स्थित आर्मी अस्पतालों में आम नागरिक का इलाज शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कंटेनमेंट जोन के बाहर भी सेना मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध कराएगी। डीआरडीओ ने पहले ही दिल्ली में 250 बेड का अस्पताल शुरू कर दिया है जिसे 500 तक बढ़ाया जाएगा।

डीआरडीओ लखनऊ में दो कोविड अस्पताल भी स्थापित कर रहा है। डीआरडीओ ने कहा था कि हमारे अस्पताल पर्याप्त नहीं होंगे, इसे ध्यान में रखते हुए सैन्य चिकित्सा सुविधाओं से हर संभव मदद की योजना बनाई जा रही है। सैन्य अस्पताल सशस्त्र बलों के कर्मियों और परिवारों के लिए हैं, लेकिन इस अभूतपूर्व समय में आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा।

कोरोना की पहली लहर के दौरान डीआरडीओ ने 1000 बेड का स्थायी अस्पताल शुरू किया था, जिसे फरवरी में बंद कर दिया गया था। अब एक बार फिर कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए दिल्ली में 500 बेड के अस्पताल को शुरू किया गया है। इसमें से 250 बेड का अस्पताल शुरू हो गया है। सभी बेड ऑक्सीजन से सुसज्जित हैं और बड़ी संख्या में वेंटिलेटर भी उपलब्ध हैं।