नई दिल्ली। तेज गर्मी में बिजली की भारी मांग के बीच देश का कुल कोयला उत्पादन अप्रैल 2022 में 6.62 करोड़ टन रहा। कोयला मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि अप्रैल में देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (सीईएल) और इसकी अनुषंगी कंपनियों ने 5.44 करोड़ टन और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड(एससीसीएल) ने 53.23 लाख टन उत्पादन किया। कैपटिव (खुद के इस्तेमाल के लिए) खानों का उत्पादन 73.61 लाख टन रहा। बयान के मुताबिक अप्रैल 2022 में कोयले का कुल उठाव 7.09 करोड़ टन रहा, जिसमें से बिजली क्षेत्र को 6.17 करोड़ टन कोयले की आपूर्ति की गयी। 

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अप्रैल में कोल इंडिया ने बिजली घरों को 4.97 करोड़ टन कोयला भेजा। वित्त वर्ष 2021-22 में कोयले का कुल उत्पादन 8.55 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 77.70 करोड़ टन (त्वरित अनुमान) रहा जोकि इससे पिछले वित्त वर्ष में 71.60 करोड़ टन था। वित्त वर्ष 2021-22 में कोयले के उठाव में 18.43 प्रतिशत दर्ज की गयी और यह 81.80 करोड़ टन रहा, वित्त वर्ष 2020-21 में यह आंकड़ा 69.01 करोड़ टन था। कोल इंडिया ने इस बार अप्रैल में 6.02 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 5.44 करोड़ टन कोयले का रिकॉर्ड उत्पादन किया। 

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कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2021-22 में कोयले का उत्पादन 4.43 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 62.21 करोड़ टन रहा जोकि वित्त वर्ष 2020-21 में 59.60 करोड़ टन था। इस अवधि में कंपनी का कुल उठाव 66.11 करोड़ टन रहा जोकि वित्त वर्ष 2020-21 में 57.30 करोड़ टन था। एससीसीएल के कोयला उत्पादन में वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान 28.55 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी जोकि इस अवधि में 6.50 करोड़ टन रहा। पिछले वित्त वर्ष में कंपनी का कोयला उत्पादन 5.01 लाख टन था। कैपटिव (खुद के इस्तेमाल के लिए) खानों का कोयला उत्पादन वित्त वर्ष 2020-21 में हुए 6.90 करोड़ टन के मुकाबले वित्त वर्ष 2021-22 में 8.91 करोड़ टन रहा।