पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों को निरंतर समर्थन देने की घोषणा करते हुए 2.85 लाख कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों के लिए 520 करोड़ रुपए की कर्ज राहत स्कीम की शुरुआत की। उन्होंने आज यहां पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये इसे गांधी की गरीब हितैषी सोच बताते हुये कहा 'मैं उम्मीद करता हूं कि एक दिन भारत गरीबी से मुक्ति हासिल कर लेगा, जैसा गांधी का सपना था।'

उन्होंने इस स्कीम को अपने करीबी दोस्त राजीव गांधी के 77वें जन्मदिन पर राज्य को समर्पित किया। कैप्टन सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री हमेशा यह पूछा करते थे कि वह दिन कब आयेगा जब लोगों के पास रहने के लिए अपना घर होगा और भारत गरीबी से आजाद होगा। इसलिए उन्होंने ठीक समझा कि इस स्कीम को राजीव गांधी के जन्मदिन के अवसर पर शुरू किया जाए। कांग्रेस बीते 130 वर्षों से लोगों के लिए लड़ाई लड़ती आ रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि मजदूरों और भूमिहीन किसानों के 520 करोड़ रुपए के कर्ज 31 जुलाई, 2017 को उनके सहकारी कर्ज पर बनती मूल राशि और 6 मार्च, 2019 तक उपरोक्त रकम पर सालाना 7 प्रतिशत आम ब्याज माफ करने का फ़ैसला किया है। राज्य सरकार ने इससे पहले 5.85 लाख छोटे और सीमांत किसानों के 4700 करोड़ रुपए के दो लाख तक के कर्ज माफ कर दिए थे। 

मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि वह केंद्र सरकार के आंदोलनकारी किसानों के प्रति अपनाये गए रूख से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हम 127 बार संविधान में संशोधन कर चुके हैं तो अब हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते लेकिन केन्द्र कृषि कानूनों को लेकर अड़यिल रवैया अपना रही है। उन्होंने तो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को यह कानून रद्द करने के आग्रह किया है।