विधानसभा में विरोधी दल ने एक बार फिर सरकार पर हमला बोला है। नेता विरोधी दल देवब्रत सइकिया ने राज्य की सर्वानंद सोनोवाल सरकार पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए फिर धावा बोला है। दरअसल 31 मार्च 2018 को समाप्त वित्तीय वर्ष के कैग के प्रतिवेदन का हवाला देते हुए सइकिया ने कहा कि ये तमाम बातें वे पहले से ही कहते आए हैं, लेकिन उन्हें विरोधी राजनीति से प्रेरित बताते हुए सरकारी पक्ष ने हर बार इसे खारिज कर दिया। इसके के चलते उन्होंने सरकार को जल्द से जल्द इस बारे में श्वेतपत्र प्रकाशित करना को कहा है।

जट में वित्तीय अनियमितता

सइकिया के मुताबिक सोनोवाल सरकार के कार्यभार ग्रहण करने के बाद दाखिल तमाम बजट प्रस्तावों और उनके क्रियान्वयन में कई तरह की विषमताएं देखने को मिली हैं। वे अनेक बार कह चुके हैं कि कृषि, सिचाई, शिक्षा आदि विभागों को आवश्यकता के अनुरूप महत्व इस सरकार ने नहीं दिया। नेता विरोधी दल ने कहा कि विधानसभा में दाखिल कैग की रिपोर्ट से बहुत कुछ साफ हो गया है। रिपोर्ट में राज्य सरकार के बजट में वित्तीय अनियमितता की बात है। कमजोर प्रावधानों की बात कही गई है। हिसाब में काफी गड़बड़ियां मिलने की भी बात है।


दिशा-निर्देशों का उल्लंघन

उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 के बजट में आवंटित पूंजी का महज 50 फीसदी हिस्सा ही वित्तीय वर्ष समाप्त होने के दो माह पहले तक खर्च हो पाया था। यह बात उन्होंने इस साल के बजट प्रस्तुतीकरण के समय सदन में की थी। सइकिया ने कहा कि ये अच्छा लक्षण नहीं है। अपने बयान में सइकिया ने कैग रिपोर्ट में नियम-कानूनों और अन्य दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की बात कहे जाने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि केवल वाहवाही लूटने के उद्देश्य से बजट पेश करने पर इस तरह के हालात होंगे ही।

विफल रही सरकार

उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 के बजट में किए गए वादों को पूरा करने में यह सरकार विफल रही है। कैग रिपोर्ट में अतिरिक्त के उपयोग की तरफ भी इशारा किया गया है। बजटीय प्रावधान में अनियमितता देखने को मिली है। कैग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए सइकिया ने कहा कि प्राक्कलन विनियोजन निर्देश के अलावा लगभग 2,660 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। गैर-जरूरी ढंग से 75 योजनाओं में तकरीबन 6,029 करोड़ रुपयों के पूरक कोष को मंजूरी दी गई थी।