अक्सर बड़े पदों पर बैठे अधिकारी अपने सख्त मिजाज के कारण जाने जाते हैं, लेकिन कुछ एेसे भी होते हैं जो अपने मतहतों को पूरा सम्मान देते हैंं। धुबड़ी के युवा आर्इएएस अधिकारी डीसी अनंत लाल ज्ञानी ने एेसी ही मिसाल पेश की है। रिटायरमेंट का दिन भावुक आैर यादगार लम्हा होता है आैर अगर उस दिन आपके अधिकारी आपकी सेवा आैर निष्ठा को खास सम्मान दें तो लगता है कि सारी मेहनत का इनाम मिल गया।

दरअसल, जिला उपायुक्त अनंतलाल ज्ञानी ने अपने ड्राइवर प्रेम शेरपा को उसके रिटारमेंट वाले दिन 30 नवंबर को 35 साल की सेवा के बाद अपनी सीट पर बैठाकर खुद उसे घर छोड़ने गए। एक प्रशासनिक आर्इएएस अधिकारी के इस कदम की सिर्फ महकमा में ही नहीं बल्कि पूरे जिले में चर्चा हो रही है। लोग कह रहे हैं अधिकारी हो तो धुबड़ी के जिला अधिकारी जैसा।
कार्यालय में हुए विदार्इ समारोह के बाद उपायुक्त ने शेरपा को पिछली सीट पर बैठाकर खुद घर छोड़ने  गए। 1984 में जिला उपायुक्त के ड्राइवर के रूप में नियुक्त हुए थे। साठ साल की उम्र में सेवा निवृत्त हुए प्रेम शेरपा ने अपने कार्यकाल में जिले में एक दर्जन से भी ज्यादा जिला उपायुक्तों के लिए अपनी सेवाएं दी है।
उसके कार्य को सम्मानित करते हुए उन्हाेंने कहा कि शेरपा ने 37 साल तक राज्य को अपनी सेवा दी है। मैं इस दिन को उनके लिए यादगार बनाकर उसका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। वहीं शेरपा ने डीसी काे धन्यवाद देते हुए कहा कि वे अपने रिटायरमेंट पर मिले इस उपहार से काफी खुश आैर सम्मानित महसूस कर रहे हैं।