अलग गोरखालैंड राज्य को लेकर लगातार 80 दिनों से जारी दार्जिलिंग बंद को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (गोजमुमो) के नेताओं में गुरुवार को मतभेद सतह पर आ गया। पार्टी दो धड़े में बंट गई। पार्टी के सह महासचिव विनय तमांग ने 1 से 12 सितंबर तक हड़ताल में ढील लेने की घोषणा की। जबकि जीजेएम प्रमुख विमल गुरुंग और महासचिव रोशन गिरि गुट ने बंद वापस लेने के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया।

कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ बैठक के बाद जीजेएम नेता विनय तमांग के नेतृत्व में प्रतिनिधि दल के कर्सियांग पहुंचते ही पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की बैठक हुई। बैठक के बाद विनय तमांग ने शुक्रवार से 12 दिनों के लिए पहाड़ बंद में ढील देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला राज्य और केन्द्र सरकार की अपील पर किया गया है। गोरखालैण्ड को लेकर हमारा आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के साथ अगली बैठक 12 सितंबर को होगी। 

बैठक के नतीजा के अनुसार पार्टी भावी रणनीति तैयार करेगी। दूसरी तरफ पार्टी प्रमुख गुरुंग और महासचिव रोशन गिरि के गुट ने पहाड़ बंद में ढील के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया। गुरुंग ने कहा कि  अलग गोरखालैण्ड राज्य के मु²े पर बातचीत शुरू किए बगैर बंद वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता। पहले की तरह उनका आंदोलन जारी रहेगा।